कोरोना का कहर: अमेरिका में शुक्रवार को 1480 लोगों की मौत

वॉशिंगटन। अमेरिका में कोरोना वायरस से शुक्रवार को 1,480 लोगों की मौत हो गई है और इस वायरस से किसी भी देश में एक दिन के भीतर मौत का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे एक दिन पहले अमेरिका में 1,169 लोगों की मौत हो गई थी।
यूं तो अमेरिका पूरी दुनिया में एक महाशक्ति की तरह जाना जाता है लेकिन कोविड-19 के आगे सुपरपावर अमेरिका भी बेबस दिख रहा है। क्या ये डोनाल्ड ट्रंप की नाकामी का नतीजा है?
जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी ट्रैकर के मुताबिक गुरुवार रात 8.30 बजे से शुक्रवार रात 8.30 बजे के बीच 1,480 लोगों की मौत हो गई है। अब तक पूरे अमेरिका में मरने वालों की संख्या 7 हजार का आंकड़ा पार कर चुका है। सबसे अधिक मौतें न्यूयॉर्क में हुई हैं जहां 3 हजार से अधिक कोविड-19 मरीजों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
क्यों ट्रंप भी हैं संक्रमण फैलने के लिए जिम्मेदार?
इस वायरस की शुरुआत चीन से हुई, जिसका अमेरिका की सरहदों से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं। चीन के करीबी देशों जैसे दक्षिण कोरिया, जपान, ईरान तक तो संक्रमण फैलना समझ आता है। इटली, फ्रांस, स्पेन में भी संक्रमण का फैलना उतना हैरान नहीं करता लेकिन अमेरिका तक इस संक्रमण का पहुंचना और दिन दूनी रात चौगुनी रफ्तार से बढ़ना ट्रंप की नाकामी को दिखाता है। आलम ये है कि तमाम मामलों में नंबर-1 रहने वाला अमेरिका एक दिन में सबसे अधिक मौतों का रिकॉर्ड भी बना चुका है। कई दिन पहले ही अमेरिका सबसे अधिक संक्रमित लोगों वाला देश बनकर टॉप पर पहुंच गया है। जिस रफ्तार से अमेरिका में मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है, आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में अमेरिका सबसे अधिक मौतों वाला देश भी बन सकता है।
न्यूयॉर्क में नर्सों का प्रदर्शन शुरू
उधर, बेहतर गुणवत्ता वाले मेडिकल सप्लाई की कमी को लेकर मेडिकल स्टाफ प्रदर्शन पर उतर आए हैं। न्यूयॉर्क और कैलिफॉर्निया राज्य में जगह-जगह तख्ता और बैनर लिए नर्सों और अन्य हेल्थ स्टाफ का प्रदर्शन जारी है। उनकी मांग है कि सरकार उन्हें बेहतर उपकरण उपलब्ध कराए क्योंकि अगर इसके अभाव में उनकी जान चली गई तो फिर लोगों को बचाना मुश्किल हो जाएगा।
बिगड़े हालात, ट्रंप ने सेना की जिम्मेदारी बढ़ाई
अमेरिका में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। पूरे देश में 276,500 लोग कोरोना की चपेट में हैं। अब स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सेना की जिम्मेदारी बढ़ा दी गई है। उल्लेखनीय है कि अब तक सेना सिर्फ मेकशिफ्ट अस्पतालों को बनाने और मेडिकल आपूर्ति के काम में लगी हुई थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि युद्ध जैसी इस स्थिति से लड़ने के लिए कोई भी बेहतर तरीके से तैयार नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हम कोरोना वायरस से लड़ने में अपने प्रयास के तहत सेना की जिम्मेदारी बढ़ाने जा रहे हैं। क्योंकि इस युद्ध जैसी स्थिति से लड़ने के लिए कोई बेहतर तरीके से तैयार नहीं है। हम युद्ध जैसी स्थिति में है। एक अदृश्य दुश्मन सामने खड़ा है।’
न्यूयॉर्क ने पार किया 9/11 हमले में हुई मौत का आंकड़ा
अमेरिका का न्यूयॉर्क शहर जिसने 9/11 का आतंक झेला और अब 19 साल बाद सबसे बड़ी मानवीय आपदा से भी जूझ रहा है। अकेले इस शहर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या कई देशों से अधिक है और यहां तक कि इसने कोरोना के केंद्र रहे चीन को भी पीछे कर दिया है। मौत के जो आंकड़े सामने आ रहे हैं वह और भी भयावह हैं। यहां मौत का आंकड़ा 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमले में मारे गए लोगों की संख्या को पार कर चुका है। उस आतंकी हमले में 2,996 लोगों की मौत हो गई थी जिनमें अधिकांश न्यूयॉर्क शहर में हुई थीं।
न्यूयॉर्क के मेयर ट्रंप की तैयारी से खुश नहीं हैं और उन्होंने 1000 नर्स, 150 डॉक्टर और 130 रेस्पायरेटरी थेरेपिस्ट की मांग की है। न्यूयॉर्क शहर को अभी भी 3000 वेंटिलेटर की जरूरत है और उन्होंने शहर में सेना के मेडिकल कर्मियों को तैनात करने की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘वे ऐक्शन के लिए नहीं लगाए गए हैं। राष्ट्रपति को ऑर्डर देना होगा।’
-एजेंसियां

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