कोरोना वायरस: क्रूज़ शिप में फंसे हज़ारों लोगों को बाहर जाने की इजाजत मिली

हॉन्गकॉन्ग में पांच दिनों से एक क्रूज़ शिप में फंसे हज़ारों लोगों को कोरोना वायरस टेस्ट में नेगेटिव होने पर बाहर जाने की इजाजत मिल गई है.
वर्ल्ड ड्रीम शिप में सवार करीब 3600 यात्रियों और क्रू के सदस्यों को इस डर से रोका गया था कि कहीं वो अपनी पिछली यात्रा में वायरस के संपर्क में ना आ गए हों.
एक अन्य क्रूज़ शिप जिनमें दर्ज़नों यात्रियों के कोरोना वायरस से ग्रस्त होने की पुष्टि हो चुकी है, अब भी जापान से बाहर है.
इस वायरस की चपेट में आने से चीन में अब तक 813 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से दो मामले चीन के हैं.
कोरोना वायरस की वजह से हुई मौतें कुछ साल पहले फैले सार्स (सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम) से भी अधिक हैं.
शिप को क्यों रोका गया था?
इसकी वजह से साल 2013 में दो दर्जन से अधिक देशों में 774 लोगों की मौत हुई थी.
कोरोना वायरस का केंद्र कहे जाने वाले तीन के हुबेई प्रांत के क्षेत्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक यहां अब तक 780 लोगों की मौत हो चुकी है.
इसकी चपेट में दुनिया भर के करीब 34800 लोग आए हैं, जिनमें से सबसे अधिक चीन में हैं.
वर्ल्ड ड्रीम शिप के सभी यात्रियों और क्रू सदस्यों को बुधवार को रोक लिया गया था क्योंकि इस बात का पता चला था उनके साथ पिछली यात्रा में रहे तीन यात्री वायरस की चपेट में हैं.
चीफ़ पोर्ट हेल्थ ऑफिसर लेंग यिउ-हॉन्ग ने कहा कि क्रू के सभी सदस्य (क़रीब 1800 लोग) कोरोना वायरस टेस्ट में नेगेटिव पाए गए और सभी को शिप से बाहर जाने की इजाज़त दे दी गई है.
न्यू ईयर की बढ़ी हुई छुट्टियों के बाद
रविवार को हॉन्ग कॉन्ग के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 468 लोगों को घरों, होटलों या सरकार की ओर से चलाए जा रहे सेंटरों में रहने का आदेश दिया गया है.
इसके एक दिन पहले सरकार ने आदेश जारी किया था कि चीन से आने वाले किसी भी शख़्स को दो हफ़्ते तक ज़रूरी तौर पर सबसे अलग रहना होगा.
चीन में लाखों लोग लूनर न्यू ईयर की बढ़ी हुई छुट्टियों के बाद अब काम पर लौटने की तैयारी कर रहे हैं. छुट्टियां इस लिए बढ़ाई गई थीं कि वायरल और ना फैले.
हालांकि बहुत सी कंपनियां और बिजनेस ऑफिस अब भी बंद रहेंगे और उम्मीद की जा रही है कि लोग घर से ही काम करेंगे.
राजधानी बीजिंग के करीब बसे हुबई प्रांत में स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक सभी स्कूल एक मार्च तक बंद रहेंगे.
साथ ही हुबेई के कई इलाके भी पूरी तरह बंद हैं. दूसरे इलाकों में ज़्यादा आवाजाही और लोगों के जमावड़े पर रोक है.
और क्या क्या हो रहा है?
क्योडो न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक डायमंड प्रिंसेज़ क्रूज़ में वायरस की चपेट में आने के और कई मामलों की पुष्टि हुई.
इस क्रूज़ शिप को करीब एक हफ़्ते तक जापान के योकोहामा शहर में रोका गया था.
अधिकारियों के मुताबिक 3700 यात्रियों और क्रू सदस्यों वाले इस शिप में शनिवार तक 64 लोगों के वायरस की चपेट में होने की पुष्टि हो चुकी है.
इसके अलावा ब्रिटेन में कोरोना वायरस का चौथा मामला सामने आया है. ये शख़्स फ्रांस में वायरस की चपेट में आया.
एक ब्रिटिश नागरिक के मल्लोर्का में इस वायरस के चपेट में आने की पुष्टि हुई है. यह स्पेन में दूसरा मामला है.
मानवता का दुश्मन
हुबेई प्रांत के वुहान शहर से बाहर आए करीब 200 ब्रिटिश और अन्य विदेशी नागरिकों को आरएएफ ब्रिज़ नॉर्टन लाया गया है.
शनिवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टेड्रोस ऐडहेनॉम गेब्रीयेसोस ने कहा कि वायरस अब भी हुबेई में ही है और बीते चार दिनों से यहां वायरस की चपेट में आने वालों की संख्या में स्थिरता आई है.
बीबीसी से बातचीत के दौरान ब्रिटेन में चीन के राजदूत ने कहा, “यह अब भी पता लगा पाना मुश्किल है कि हम कब इसके मामलों में कमी देखेंगे. लेकिन पीड़ितों अलग रखना और बहुत से लोगों को शहर के बाहर ही रोक लेने का फायदा हुआ है.”
लियू शाओमिंग ने इस बीमारी को ‘मानवता का दुश्मन’ करार दिया है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसका नियंत्रण हो सकता है, इलाज हो सकता है और इससे बचा भी जा सकता है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है.
बीते महीने विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस नई समस्या को देखते हुए ग्लोबल इमरजेंसी घोषित कर दी थी. चीन से बाहर हुई दो मौतों में एक हॉन्गकॉन्ग में और एक मामला फिलीपींस का है.
-BBC

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