दिल्‍ली में कोरोना का कहर, निगमबोध घाट पर एक दिन में आईं 107 लाशें

नई दिल्ली। दिल्ली में वैश्विक महामारी की वजह से मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसका असर श्मशान घाट और कब्रिस्तान में भी देखा जा रहा है। दिल्ली के सबसे बड़े निगमबोध श्मशान घाट पर बुधवार देर रात 10 बजे तक कुल 107 बॉडी आईं। घाट के मुख्य प्रबंधक सुमन कुमार गुप्ता ने बताया कि इन में 34 कोविड संक्रमित तो 73 नॉन कोविड बॉडी थीं। 2021 में यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
यहां कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या बढ़ने की वजह से प्लेटफॉर्म की संख्या डबल कर दी गई है। अब कोविड के लिए 38 रिजर्व प्लेटफॉर्म हैं जबकि 6 सीएनजी और 6 मोक्ष प्लैटफॉर्म हैं। मोक्ष प्लेटफॉर्म पर शव के संस्कार में आधी लकड़ियां ही लगती हैं। सुमन ने बताया कि फिलहाल तो निगमबोध घाट पर किसी तरह की परेशानी नहीं है। यहां कुल 120 प्लेटफॉर्म हैं, जिन पर एक दिन में एक ही शव का संस्कार होता है। वहीं, सीएनजी और मोक्ष प्लेटफॉर्म पर एक दिन में 4 बॉडी का संस्कार हो जाता है।
70 आदम‍ियों का लगा स्‍टाफ
सामान्य प्लेटफॉर्म पर एक शरीर के अंतिम संस्कार में करीब 4 कुंतल लकड़ियां लगती हैं। इसके लिए 2800 से 3000 रुपये की पर्ची कटती है। वहीं, सीएनजी से संस्कार कराने वालों को 1500 रुपये की पर्ची कटवानी पड़ती है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए निशुल्क लकड़ियां मुहैया कराई जाती हैं। निगमबोध घाट पर 70 आदमियों का स्टाफ लगा दिया है। रात 10 बजे तक बॉडी जलती हैं। यहां कोविड गाइडलाइंस का पूरा पालन किया जा रहा है। माइक पर लोगों से अपील कर रहे हैं कि सोशल डिस्टेंस का पालन करेंगे। मास्क लगाकर रखें। पीने का साफ पानी मुहैया करा रहे हैं। मेडिकल की सुविधा उपलब्ध है। वेटिंग एरिया में अच्छा प्रबंध किया गया है।
लकड़ियों का गोदाम फुल
सुमन गुप्ता ने बताया कि निगमबोध घाट पर लकड़ियों की कोई कमी नहीं है। यहां हमेशा गोदाम फुल रहा है। जैसे-जैसे शवों के लिए गोदाम से लकड़ियां निकलती हैं, वैसे-वैसे ही कॉन्ट्रैक्टर इन्हें फुल कर देता है। रोजाना ट्रक आते हैं। 1000 शवों के अंतिम संस्कार का इंतजाम है। कॉन्ट्रैक्टर ने भी अलग से अपने गोदाम बना रखे हैं। सीएनजी की डायरेक्ट लाइन घाट पर आई है, जिसका पेमेंट किया जाता है।
आईटीओ स्थित कब्रिस्तान में भी बढ़ी शवों की संख्या
जदीद कब्रिस्तान, आईटीओ पर भी शवों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जानकारी के मुताबिक यहां पिछले 15 दिनों में 70 कोविड शवों को दफनाया गया है। 4 अप्रैल के बाद से कोरोना संक्रमित शवों की संख्या में तेजी आई है। अप्रैल से पहले 45 दिनों में सिर्फ 5 कोविड संक्रमित शव दफनाए गए थे। कब्रिस्तान के केयरटेकर शमीम ने कहा कि रोजाना शवों की तादाद में इजाफा हो रहा है। यहां सिर्फ 150-200 बॉडी को दफनाने की जगह बची है।
उन्होंने दिल्ली सरकार और एमसीडी से पीपीई किट की भी डिमांड की। शमीम ने कहा कि बहुत से कोविड शवों को दफनाने के लिए उनके परिजन ही आगे नहीं आते। हमें खुद सारे काम निपटाने होते हैं। पीपीई किट होगी, तो महफूज रहेंगे।
-एजेंसियां

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