कोरोना ने देश को घुटने पर’ ला दिया है: अमेरिका स्वास्थ्य विभाग

वॉशिंगटन। अमरीका के स्वास्थ्य महकमे के आला अधिकारी ने कांग्रेस को बताया कि कोरोना वायरस ने ‘देश को घुटने पर’ ला दिया है.
कोरोना संकट से जूझ रहे अमरीका में संक्रमण के मामलों की संख्या 23 लाख से ज़्यादा हो गई है जबकि अभी तक 121,000 से ज़्यादा लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है.
अमरीका की संघीय हेल्थ एजेंसी सेंटर्स फ़ॉर डिज़ीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के निदेशक डॉक्टर रॉबर्ट रेडफील्ड ने वॉशिंगटन में एक सुनवाई के दौरान कहा कि देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा लंबे समय से और बुरी तरह से पैसे की तंगी का सामना कर रहा है और इसमें तत्काल निवेश की सख्त ज़रूरत है.
उन्होंने कहा, “इस वायरस से निपटने के लिए हम जो कुछ भी बेहतर कर सकते थे, हमने किया और हक़ीक़त तो ये है कि कोरोना वायरस ने इस देश को घुटने पर लाकर रख दिया है.”
डॉक्टर रॉबर्ट रेडफील्ड कांग्रेस की हाउस एनर्जी और कॉमर्स कमिटी को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा, “एक छोटे से वायरस की वजह से हम शायद सात ट्रिलियन डॉलर की रक़म खर्च करने जा रहे हैं.”
डॉक्टर रॉबर्ट रेडफील्ड का कहना है कि अमरीका की जितनी क्षमता थी, उसने उसका पूरा इस्तेमाल किया ताकि इस महामारी का मुक़ाबला किया जा सके लेकिन इसकी आलोचनाएं भी होंगी.
साल 2020 की शुरुआत में जब कोरोना वायरस एशिया और यूरोप से अमरीका की तरफ़ बढ़ रहा तो उस वक़्त इस संकट से सुस्त और कमज़ोर तरीक़े से निपटने के लिए ट्रंप प्रशासन को आलोचनाओं का सामना करना पड़ता रहा है.
ये आलोचनाएं ख़ासकर इस बात के लिए भी होती हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार कोरोना संकट के ख़तरे को कम करके आंका.
डॉक्टर रॉबर्ट रेडफील्ड ने कहा कि स्थानीय, राज्य और केंद्र के स्तर पर अमरीका में पब्लिक हेल्थ के बुनियादी ढांचे में कम निवेश की पुरानी समस्या रही है. इसमें डेटा विश्लेषण, लैबोरेटरी सुविधाएं, पब्लिक हेल्थ वर्कर्स, आपातकालीन सुविधाएं शामिल हैं. उन्होंने कहा कि अब इस पर खर्च बढ़ाने का समय आ गया है.
डॉक्टर एंथनी फाउची ने क्या कहा
इससे पहले कांग्रेस की सुनवाई में अमरीका के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एंथनी फाउची ने अपने बयान में कहा कि देश में कोरोना टेस्टिंग की सुविधा का विस्तार किया जाएगा.
हालांकि इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप हफ़्ते के आख़िर में हुई एक रैली में ये कह चुके थे कि वे अमरीका में टेस्टिंग कम करना चाहते हैं. इसके बाद ट्रंप ने एक बार ये जोर देकर कहा कि जब वे ऐसा कह रहे थे तो वे इसके लिए गंभीर थे.
इसके कुछ ही घंटों में कांग्रेस की सुनवाई में डॉक्टर एंथनी फाउची ने टेस्टिंग सुविधाओं के विस्तार की बात कही. तकरीबन आधे अमरीका में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं लेकिन ओक्लाहोमा के तुलसा में एक रैली में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि टेस्टिंग ज़्यादा किए जाने से अमरीका की ख़राब छवि बन रही है और उन्होंने अपने मातहत अधिकारियों से टेस्टिंग में कमी लाने के लिए कहा है.
बाद में उनके प्रेस सचिव ने कहा कि राष्ट्रपति की टिप्पणी ‘मज़ाक में कही गई बात’ थी लेकिन मंगलवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी टिप्पणी कोई चुटकुला नहीं थी.
इसके कुछ घंटों बाद डॉक्टर एंथनी फाउची ने कांग्रेस कमिटी के सामने कहा, “मैं पक्के तौर पर जानता हूं… कम से कम हममें से किसी को कभी भी टेस्टिंग कम करने के लिए नहीं कहा गया है.”
-BBC

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