अदालत की अवमानना: प्रशांत भूषण को सजा पर रोक के लिए याचिका

नई दिल्‍ली। अदालत की अवमानना मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद वकील प्रशांत भूषण ने सज़ा सुनाए जाने पर रोक लगाने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल की है.
उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि वो इस मामले में 30 दिनों की सीमा अवधि में पुनर्विचार याचिका दाख़िल करना चाहते हैं.
उनका यह भी तर्क है कि स्वतः संज्ञान वाले मामलों में फ़ैसला आने के बाद अपील दायर करने का कोई प्रवाधान नहीं है.
अदालत की अवमानना मामले में प्रशांत भूषण को गुरुवार को सज़ा सुनाई जानी है.
प्रशांत भूषण ने मुख्य न्यायधीश और चार अन्य पूर्व मुख्य न्यायधीशों को लेकर ट्वीट किए थे. इसी मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया है.
कंटेम्ट ऑफ़ कोर्ट्स एक्ट, 1971 के तहत प्रशांत भूषण को छह महीने तक की जेल की सज़ा जुर्माने के साथ या इसके बग़ैर भी हो सकती है.
इसी क़ानून में ये भी प्रावधान है कि अभियुक्त के माफ़ी मांगने पर अदालत चाहे तो उसे माफ़ कर सकती है.
-एजेंसियां

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