मालेगांव ब्‍लास्‍ट में हिंदू नेताओं को फंसाने की साजिश के लिए कांग्रेस माफी मांगे

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिग्गज नेता और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस से वर्ष 2008 में हुए मालेगांव बम विस्फोट कांड में खुद को तथा कुछ अन्य हिंदू नेताओं को फंसाने की साजिश करने के लिए देश की जनता से माफी मांगने को कहा है। मुख्यमंत्री ने यहां 196 करोड़ रुपए की 174 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद अपने संबोधन में कहा आज आपने महाराष्ट्र एटीएस का एक बयान देखा होगा।
योगी का बड़ा आरोप, कांग्रेस बैकफुट पर
उस समय कैसे भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं एवं अन्य हिंदू नेताओं को झूठे मुकदमे में फंसाने का कार्य कर रहे थे। उन्होंने कहा आपने मालेगांव विस्फोट के मामले में देखा होगा। कांग्रेस की शरारत देश के खिलाफ एक अपराध है और पार्टी को इसके लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
गवाह के बयान के बाद पलटा सारा मामला
योगी का यह बयान 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले के एक गवाह के मुकर जाने और मुंबई की एक अदालत में यह गवाही देने के बाद आया है कि तत्कालीन वरिष्ठ एटीएस अधिकारी परम बीर सिंह और एक अन्य अधिकारी ने उसे उत्तर प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और इंद्रेश कुमार सहित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चार नेताओं का नाम लेने को कहा था।
कांग्रेस देश के साथ कैसे खिलवाड़ कर रही है
धन की उगाही करने और अन्य मामलों का सामना कर रहे परम बीर सिंह को इसी महीने निलंबित कर दिया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंकवादियों को प्रेरित और पोषित करने वाली कांग्रेस देश के साथ कैसे खिलवाड़ कर रही है, यह किसी से छुपा नहीं है।
अब तक 220 गवाहों से पूछताछ हो चुकी है
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले जब सत्ता में थी तब वह आतंकवादियों को प्रेरित और पोषित करती थी और हिंदू संगठनों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराती थी और आज जब सत्ता के बाहर है तो हर उस कार्य का विरोध करती है जो विकास और जनता के हित के लिए हो रहा है। अपने बयान में, गवाह ने दावा किया कि एटीएस ने उसे प्रताड़ित किया और अपने कार्यालय में अवैध रूप से बैठाया। इस मामले में अब तक 220 गवाहों से पूछताछ हो चुकी है और उनमें से 15 मुकर गए हैं।
बम विस्फोट में छह लोगों की मौत हो गई थी
गौरतलब है कि 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए बम विस्फोट में छह लोगों की मौत हो गई थी तथा 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे। मामले के आरोपियों में लोकसभा सदस्य प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, सुधाकर द्विवेदी, मेजर रमेश उपाध्याय (सेवानिवृत्त), अजय रहीरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी शामिल हैं। ये सभी जमानत पर बाहर हैं।
-एजेंसियां

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