कांग्रेसी नेताओं ने प्रधानमंत्री के संबोधन को खोखला बताया

नई दिल्‍ली। कांग्रेस ने मंगलवार को देश के नाम प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन को ‘हवाहवाई’ और खोखला बताया है। कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि पीएम के भाषण में न तो वित्तीय पैकेज का कोई जिक्र था और न ही इकॉनमी को उबारने के लिए ठोस कदमों का कोई जिक्र था। पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता पी. चिदंबरम में कहा कि गरीबों को 40 दिन के लिए अपना इंतजाम खुद करने के लिए छोड़ दिया गया है।
‘गरीबों को 40 दिन के लिए उनके हाल पर छोड़ दिया गया’
चिदंबरम ने कहा, ‘गरीबों को 40 दिन के लिए अपना इंतजाम खुद करने के लिए छोड़ दिया गया। धन है, भोजन है लेकिन सरकार वह देगी नहीं। रोओ, मेरे प्यारे देश!’ इसी तरह मनीष तिवारी ने कहा कि पीएम मोदी ने लोगों को यह तो बताया कि उनकी उनसे क्या उम्मीदें हैं लेकिन यह नहीं बताया कि लोगों के लिए उनकी सरकार क्या कर रही है।
सुरजेवाला ने पूछा, कहां है कोरोना से लड़ने का रोडमैप
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पूछा कि कोरोना वायरस से लड़ने का देश का रोडमैप कहा है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व का मतब यह नहीं है कि लोगों को उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराया जाए बल्कि उसका मतलब यह है कि देश के लोगों के प्रति सरकार अपनी जवाबदेही के कर्तव्य को निभाए।
उन्होंने कहा, ‘बहुत सारी बातें कही गईं लेकिन कोरोना से लड़ने के लिए रोडमैप कहा है।’
बड़ी-बड़ी बातें….लेकिन सब-कुछ खोखला: सिंघवी
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने तो यह तक कह दिया कि पीएम मोदी के भाषण से मुख्य बात ही नदारद थी। उन्होंने कहा, ‘पीएम का शानदार संबोधन। उपदेश, बड़ी-बड़ी बातें, प्रेरणा….लेकिन सबकुछ खोखला! कोई वित्तीय पैकेज नहीं, कोई विवरण नहीं, कुछ ठोस नहीं। न तो गरीबों के लिए और न ही मिडल क्लास के लिए और न ही इंडस्ट्री या कारोबार के लिए। लॉकडाउन अच्छा है लेकिन यह अपने आप में काफी नहीं है। लोगों की आजीविका से जुड़े एक भी मुद्दे को नहीं छुआ।’
सिंघवी ने ट्वीट कर कहा कि पीएम मोदी का भाषण उस हैमलेट की तरह है जो बिना प्रिंस ऑफ डेनमार्क के हैं। उन्होंने कहा कि हम जीडीपी का बड़ा हिस्सा इससे निपटने के लिए चाहते हैं लेकिन इन सब पर एक शब्द भी नहीं बोला गया।
-एजेंसियां

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