UP RERA में ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे श‍िकायत

लखनऊ। अब बिल्डर की धोखाधड़ी पर शिकायत दर्ज कराने के लिए UP RERA (उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण ) के दफ्तर नहीं जाना पड़ेगा। तीन फरवरी से वे ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकेंगे। UP RERA ने शिकायतों के निस्तारण को और सुगम बनाने के लिए ई-कोर्ट सिस्टम के जरिए शिकायत दर्ज करने के साथ ही उसकी सुनवाई की प्रक्रिया भी तय कर दी है। इससे शिकायतों के निस्तारण में तेजी आएगी।

यूपी रेरा की सोमवार को हुई 31वीं बैठक में  शुरू करने का फैसला किया गया है। यह जानकारी देते हुए यूपी रेरा के सचिव अबरार अहमद ने बताया कि तीन फरवरी से आवंटी यूपी रेरा की वेबसाइट www.up-rera.in/ecourt/signup लिंक पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यूपी रेरा के लखनऊ और एनसीआर के क्षेत्रीय कार्यालय ग्रेटर नोएडा में अब ई-कोर्ट के माध्यम से ही शिकायतों की सुनवाई की जाएगी। रेरा में शिकायत करने की मौजूदा प्रणाली दो फरवरी तक ही काम करेगी।

तीन फरवरी से ई-कोर्ट सिस्टम पर शिकायतें दर्ज होने लगेंगी, जबकि इनकी विधिवत सुनवाई दो मार्च से शुरू होगी। सुनवाई पूरी होने के साथ ही रेरा का फैसला भी तत्काल वेबसाइट पर अपलोड हो जाएगा। इसे शिकायतकर्ता घर बैठे ही देख सकेंगे।

नवंबर में ही यूपी रेरा में ई-कोर्ट सिस्टम लागू करने का फैसला किया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से मामला टल गया था। पिछले दो महीने से ई-कोर्ट के संचालन के संबंध में ट्रेनिंग चल रही थी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद ई-कोर्ट सिस्टम लागू करने की तारीख घोषित की गई है।

हेल्प डेस्क भी बनाई
रेरा सचिव ने बताया कि ई-कोर्ट में शिकायत दर्ज कराने वाले पक्षकारों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क भी बनाई गई है। कोई भी पक्षकार लखनऊ स्थित रेरा ऑफिस में 0522-2781448 और नोएडा ऑफिस में 0120-2326104 पर फोन कर मदद ले सकता है। इसके अलावा रेरा में पंजीकरण न कराने वाले बिल्डरों के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों के भी निस्तारण की व्यवस्था की गई है।

इस तरह होगा शिकायतों का निस्तारण
– आवंटी की शिकायत व उसके साथ संलग्न दस्तावेज का ऑनलाइन ही रेरा के स्तर पर परीक्षण किया जाएगा।
– शिकायतों में कमियों की सूचना आवंटी को ई-मेल से भेजी जाएगी और 15 दिन में जवाब मांगा जाएगा।
– कमियां दूर कर जवाब भेजने के बाद ही शिकायत दर्ज होगी।

– नियत समय में कमियां दूर न करने पर उस शिकायत को ‘डिफेक्टिव शिकायत’ में दर्ज किया जाएगा।
– शिकायत दर्ज करने के साथ ही बिल्डर को नोटिस भेजा जाएगा। इसकी कॉपी शिकायतकर्ता को भेजी जाएगी।

– नोटिस का जवाब देने के लिए बिल्डर को भी 15 दिन का समय दिया जाएगा।
– तय समय में जवाब न देने पर पुन: रिमाइंडर भेजा जाएगा, जिसके लिए 7 दिन का समय दिया जाएगा।

– इसके बाद भी बिल्डर का जवाब नहीं मिला तो उसके अवसर को समाप्त कर दिया जाएगा।
– यदि बिल्डर भी शिकायत पर आपत्ति दर्ज कराता है तो शिकायतकर्ता को भी 7 दिन में जवाब दाखिल करना होगा।
– एजेंसी

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