पार्टी के MLA और MP की नाराजगी के बाद योगी का DM और CMO को आदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हावी हो रहे कोरोना वायरस के बीच लगातार यूपी सरकार पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। सीएम के दावों की पोल अपनी ही पार्टी के जन प्रतिनिधि खोल रहे हैं।
लगातार जिला प्रशासन की और अधिकारियों की शिकायतों के बाद आखिर योगी सरकार ने जिले के अधिकारियों को आदेश जारी किया है। इस आदेश में कहा गया है कि अधिकारी जन प्रतिनिधियों की राय लेकर काम करें।
मुख्यमंत्री की ओर से जारी आदेश में लिखा है कि सभी जिले के डीएम और सीएमओ जन प्रतिनिधियों के संपर्क में रहें और उनका मार्गदर्शन लेते रहें। आदेश में लिखा है कि जनप्रतिनिधियों के अनुभव से कोरोना काल में व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।
प्रदेश में रोज 50,000 रेमडेसिविर की खेप
डीएम और सीएमओ के लिए जारी आदेश के अलावा सीएम ने प्रदेश में रेमडेसिविर की कमी खत्म करने को भी कहा है। सीएम ने बताया कि राज्य में भारत सरकार की ओर से रोज 50,000 वॉयल का आवंटन किया गया है। रोज इतनी बड़ी संख्या में खेप आने के बाद प्रदेश में रेमडेसिविर की किल्लत खत्म हो जाएगी।
योगी सरकार के खिलाफ बीजेपी के ही सांसद और विधायक
आपको बता दें कि बीजेपी के विधायक और सांसद लगातार सीएम और प्रशासन को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दावे कर रहे हैं कि राज्य में बेड और ऑक्सीजन आदि की कोई कमी नहीं है। वहीं बीजेपी के निर्वाचित सदस्य सरकार के दावों को पोल खोल रहे हैं।
लखीमपुर खीरी के गोला विधायक ने उठाया था मामला
लखीमपुर खीरी के गोला के बीजेपी विधायक अरविंद गिरी ने जिलाधिकारी (डीएम) को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने लिखा कि उनके दो दर्जन से ज्यादा सहयोगियों की मौत ऑक्सीजन न मिलने के कारण हुई। ऑक्सीजन की कमी से सैकड़ों लोग मर रहे हैं। गिरी ने कहा, ‘लोग ऑक्सीजन के लिए रो रहे थे और मैं उनकी मदद नहीं कर सका। मैं डीएम से निवेदन करता रहा, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। सीएम राज्य के लिए जो कर रहे हैं, वह किसी अन्य सीएम द्वारा नहीं किया गया है। उन्होंने काफी प्रयास किए हैं लेकिन जमीनी स्तर पर प्रशासन सब बर्बाद कर रहा है। जिला प्रशासन विफल साबित हो रहा है।’
बृजेश पाठक ने सबसे पहले उठाया मामला
कानून मंत्री बृजेश पाठक सबसे पहले ऐसे निर्वाचित सदस्य थे जिन्होंने राज्य सरकार को पत्र लिखा। उन्होंने पत्र में लखनऊ प्रशासन की असफलता की ओर ध्यान केंद्रित करवाया। उन्होंने पत्र में लिखा कि किस तरह लखनऊ में बेड, ऑक्सीजन और इलाज न मिलने से लोगों की मौत हो रही है।
बीजेपी सांसद कौशल किशोर उठा रहे लगातार आवाज
मोहनलालगंज के बीजेपी सांसद कौशल किशोर भी लगातार इस अराजकता को लेकर मुखर हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लायर्स आपूर्ति नहीं कर रहे हैं। उन्होंने सरकारी अस्पतालों पर भी ध्यान देने के लिए सीएम को पत्र लिखा। सांसद ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया की यूपी में पंचायत चुनाव टाल दिए जाएं, हालांकि उनके अनुरोध पर कुछ नहीं हुआ। यूपी पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले 700 से ज्यादा शिक्षकों की कोरोना से मौत हो गई।
मेरठ के सांसद ने लिखा योगी को पत्र
इसी तरह मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने सीएम को जिले में ऑक्सीजन की कमी के बारे में पत्र लिखा। उन्होंने सीएम को इस ओर ध्यान देने को कहा कि किस तरह ऑक्सीजन की कमी के कारण अस्पतालों में मरीजों की भर्ती नहीं हो रही है और वे दम तोड़ रहे हैं।
भदोही से बीजेपी विधायक ने उठाए थे सवाल
इस सप्ताह की शुरुआत में, औराई, भदोही के बीजेपी विधायक दीनानाथ भास्कर ने सीएम को पत्र लिखकर भदोही के भाजपा जिला सचिव की कोविड से संबंधित मौत की जांच की मांग की थी। बीजेपी के जिला सचिव का 27 अप्रैल को भदोही के एक अस्पताल में निधन हो गया था।
-एजेंसियां

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