जमातियों के दुर्व्यवहार पर सीएम योगी सख्त: कहा, कानून का पालन करना सिखा देंगे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के हॉस्पिटल में आइसोलेशन के दौरान तबलीगी जमात के लोगों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार पर सख्त रुख अपनाया है।
सीएम योगी ने मामले में कड़ी कार्यवाही के आदेश देते हुए कहा कि ऐसी प्रवृत्ति के लोगों के साथ पूरी सख्ती बरती जाएगी और उन्हें हम कानून का पालन करना सिखा देंगे।
मुख्यमंत्री योगी ने गाजियाबाद की घटना पर संज्ञान लेते हुए कहा, ‘कानूनन जो भी कड़ी से कड़ी कार्यवाही करनी हो वो करिए।
गाजियाबाद में जिन लोगों ने ये हरकत की, उस प्रवृत्ति के लोगों के साथ पूरी सख्ती करो और उन्हें कानून का पालन कराना सिखाओ।’
बता दें कि गाजियाबाद के एमएमजी में भर्ती जमातियों के द्वारा लगातार अस्पताल स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया। ये लोग नर्सों के सामने ही बदलने के लिए कपड़े खोल देते हैं। अश्लील हरकत करने और बीड़ी-सिगरेट मांगे जाने की भी शिकायत की गई थी।
लॉकडाउन के दौरान यूपी के कई हिस्सों में पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की घटना सामने आने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने अब ऐसे उपद्रवियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्यवाही करने का आदेश दिया है।
सीएम योगी ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि प्रदेश में किसी भी स्थान पर पुलिसकर्मियों से मारपीट करने वाले लोगों पर एनएसए के तहत कार्यवाही की जाए।
पुलिसकर्मियों से भी मारपीट
सीएम योगी का यह फैसला पश्चिम यूपी के कुछ जिलों में पुलिसकर्मियों से हुई मारपीट की घटना के बाद आया है। इससे पहले 1 अप्रैल को यूपी के मुजफ्फरनगर जिले में लॉकडाउन के दौरान घर से बाहर निकलने के लिए मना करने पर कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया था।
पुलिस चौकी में हुआ था हमला
इन लोगों ने यहां की मोरना पुलिस चौकी के एसआई समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला किया था। हमले में चौकी प्रभारी समेत अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिन्हें इलाज के लिए मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
स्वास्थ्यकर्मियों के साथ भी हो रही अभद्रता
लॉकडाउन के दौरान यूपी समेत अन्य राज्यों में पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता के कई मामले सामने आ चुके हैं। इससे पहले दिल्ली में रेलवे के एक हॉस्टल में क्वॉरंटीन में रखे गए कुछ लोगों ने चिकित्सकों और रेलवे पुलिस के अफसरों के साथ अभद्रता की थी।
इसके अलावा हाल ही में मध्य प्रदेश में भी कोरोना की जांच करने गए कुछ चिकित्सकों के साथ मारपीट का मामला भी सामने आया था।
क्या है एनएसए
राष्ट्रीय सुरक्षा कानून राज्य के तहत कानून व्यवस्था की स्थितियों को बनाए रखने के क्रम में किसी भी नागरिक को हिरासत में लिया जा सकता है। इस कानून के तहत व्यक्ति को एक साल के लिए जेल में रखा जा सकता है। राज्य सरकार को इसके लिए यह बताना होता है कि संबंधित व्यक्ति पर एनएसए के तहत कार्यवाही की गई है। साथ ही आरोप तय किए बिना उसे 10 दिनों तक जेल में रखा जा सकता है।
‘इंसेफेलाइटिस से जीते, अब कोरोना को भी हराएंगे’
उन्होंने कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग के बारे में कहा, ‘जैसे इंसेफसलाइटिस से लड़कर जीते, वैसे ही कोरोना से लड़कर जीतेंगे। यही नहीं हमें आगे की भी चुनौती की तैयारी रखनी है, ताकी इस तरह की किसी भी आपदा से हम अपने प्रदेश के लोगों को पूरी तरह सुरक्षित रख सकें। लैब और इंफ्रास्ट्रक्चर को खूब मजबूत रखना है।’
उन्होंने कहा, ‘यूपी के 23 करोड़ लोगों को हर तरह की आपदा से लड़ने और उनकी हिफाजत के लिए खुद को पूरी तरह आत्मनिर्भर करना है।’ अब तक यूपी में कोरोना से संक्रमण के 113 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 2 लोगों की मौत हो चुकी है। गोरखपुर और मेरठ में एक-एक व्यक्ति की मौत संक्रमण की वजह से हुई।
शुरुआत से ही तबलीगी जमात के कोरोना संदिग्ध स्वास्थ्यकर्मियों का सहयोग करने की बजाय उनसे बदसलूकी कर रहे हैं। दिल्ली में स्वास्थ्यकर्मियों के ऊपर थूकने और आइसोलेशन सेंटर में जानबूझकर हंगामा खड़ा करने का मामला सामने आ चुका है। वहीं, बिहार में तबलीगी जमात के लोगों की तलाश को गई टीम पर हमला भी किया गया।
निजामुद्दीन से देशभर में फैले जमाती
दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में हुए तबलीगी जमात के कार्यक्रम के बाद देश में कोरोना के हजारों मामले सामने आने की आशंका जताई जा रही है। इसमें से अभी तक लगभग 400 कोरोना संक्रमित लोग पाए जा चुके हैं। निजामुद्दीन मरकज से 2 से 3 हजार लोगों को निकाला जा चुका है। कई राज्यों में फैले जमात के लोगों को अलग-अलग राज्यों के अस्पतालों में ही ऐडमिट किया जा रहा है।
-एजेंसियां

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