सि‍वि‍ल सोसायटी ने नगर नि‍गम आगरा से मांगी आपदा प्रबंधन पर जानकारी

आगरा। सि‍वि‍ल सोसायटी ऑफ़ आगरा ने एक RTI के तहत नगर नि‍गम आगरा से शहर के आपदा प्रबंधन पर आपदा प्रबंधन एक्‍ट 2005  के तहत जानकारि‍यां मांगी हैं।

आपदा प्रबंधन में नगर नि‍गम की भूमिका को नजर अंदाज कि‍ये जाने को एक बड़ी चूक माना है और भारत सरकार के ‘आपदा नि‍यंत्रण कानून -2005’ को अनदेखा कि‍या जाना आगरा में जनजीवन के लि‍ये बड़ी मुश्‍कि‍लों का कारण करार दि‍या है। आगरा एक इंटरनेशनल शहर है, यहं की अर्थव्यस्था टूरिज्म पर निर्भर है इस लिए आपदा प्रबंधन का सुचारू होने जरुरी है।

सोसायटी की ओर से RTI (जन सूचना कानून 2005) के तहत नगर नि‍गम आगरा के जनसूचना अधि‍कारी से पूछा है कि क्‍या आपदा प्रबंधन अधि‍नि‍यम 2005 की जानकारी है। ‍ इस एक्‍ट के तहत जि‍ला आपदा प्रबंधन प्राधि‍करण (Desaster Management Authority) अगर गठि‍त है तो उसके चेयरमैन और को-चेयरमैन कौन हैं। सि‍वि‍ल सोसयटी ने एक अनय जानकारी में नि‍गम से पूछा है कि उनके जानकारी के अनुसार ‍ एक पार्षद के द्वारा नगर नि‍गम के सदन का वि‍शेष अधि‍वेशन आपदा प्रबंधन एक्‍ट 2005 के प्रावि‍धानों पर चर्चा करने को प्रार्थना पत्र /नोटि‍स दि‍या गया है। 12 जून 2020 को पार्षद के द्वारा दि‍ये गये इस पत्र पर नि‍गम के द्वारा क्‍या कार्रवही की गयी ।

सोसायटी के जनरल सैकेट्री श्री अनि‍ल शर्मा ने कहा है कि‍ सबसे ज्‍यादा वेदना इस बात की है कि‍ आपदा प्रबंधन कि‍ नगर नि‍गम के मेयर और पार्षदों की आपदा प्रबंधन में सबसे अहम भूमि‍का होने के बाबजूद उनको पूरी तरह से नजरअंदाज कर दि‍या गया। इससे भी ज्‍यादा नागरि‍कोंं में इस बात को लेकर आक्रोष है कि‍ सत्‍तादल ने नि‍गम पार्षदोंं को अनुशासन के नाम पर शहर के बि‍गड़़ते हालातों के बावजूद खामोशी थोपने और उसे स्‍वीकार करने की स्‍थि‍ति‍यां बनाने का प्रयास कि‍या गया गया।

श्री शर्मा ने कहा कि‍ केनद्रीय एक्‍ट संसद का काफी समय लेकर प्रस्‍ताव पारि‍त कर बनाये जाते हैं , इस लि‍ये जरूरत के समय भी उन्‍हें कि‍ताब की अल्‍मारी में केवल सजावट की वुकलैट बनने के प्रयासों को कैसे स्‍वीकार कि‍या जा सकता है।उन्‍होंने कहा कि‍ पार्षद के द्वारा नगर नि‍गम सदन की बैठक उठाया जाना एक अहम मुददा है , इस नगर हि‍त मे अनदेखा नहीं कि‍या जाने दि‍याजायेगा।

एक अन्‍य जानकारी श्री शर्मा ने कहा कि‍ आगरा के मेयर के द्वारा कोवि‍ड-19 के सि‍लि‍सले में मुख्‍यमंत्री को एक पत्र लि‍खा था। प्रकट तौर पर तो सब महसूस करते हैं कि‍ उन्‍होने सही जानकारि‍यां सरकार को देने का प्रयास कि‍या था जि‍सका प्रत्‍यक्ष प्रमाण मुख्‍य सचि‍व के भ्रमण के दौरान उइाये गये कदम अपने आप में हैं कि‍न्‍तु इसके बावजूद आगरा क नागरि‍को की यह जि‍ज्ञासा जरूर बनी हुई है कि‍ मेयर साहब के द्वारा शासन को लि‍खे गये पत्र पर क्‍या कार्रवही हुई।

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