चीन के ईसाई समुदाय ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला, धर्म से पीछे न हटने का ऐलान

चेंगदू। चीन के ईसाई समुदाय ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और लोगों को इसके प्रति जागरूक करने का फैसला किया है। चर्च के कुछ सदस्यों की तरफ से संदेश दिया जा रहा है, ‘अधिकारियों के दमन के कारण हम अपने धर्म से पीछे नहीं हटेंगे।’
बता दें कि पहले भी कई बार चीन की सरकार द्वारा मुसलमानों को हिरासत में रखने की खबरें आ चुकी हैं। मुस्लिमों के बाद चीन में अब ईसाइयों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी हो रही है।
न्यू यॉर्क टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक गु बाओलुओ कई महीनों से चीन के सबसे अच्छे माने जाने वाले प्रोटेस्टेंट चर्च में क्रिसमस सेलिब्रेशन का इंतजार कर रहे थे लेकिन दिसंबर की शुरुआत में पुलिस ने गु के प्रार्थना स्थल को बंद कर दिया, जो चेंगदू दक्षिण पश्चिमी शहर में अर्ली रेन के नाम से मशहूर है। क्रिश्चन ऐक्टिविस्ट इसे ईसाई समुदाय पर एक दशक का सबसे बड़ा हमला बता रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस ने बाइबल को जब्त कर लिया है, चर्च द्वारा चलाए जा रहे स्कूल को बंद कर दिया है और “तोड़फोड़ के लिए उकसाने” के आरोप में अर्ली रेन के पादरी को हिरासत में लिया, इन आरोपों में उन्हें कम से कम 5 साल कैद की सजा सुनाई जा सकती है।
क्रिसमस की पूर्व संध्या पर 31 वर्षीय गु जो चावल बेचने का काम करते हैं, प्रार्थना के लिए अपने दोस्त के घर गए। यहां उन्होंने पूजा की और हिरासत में लिए गए अर्ली रेन के दो दर्जन सदस्यों के लिए प्रार्थना भी की। गु ने खुद को और अपने दोस्तों को गिरफ्तार किए जाने के डर के साथ इन्क्रिप्टेड चैट ऐप्लिकेशन का इस्तेमाल किया और सर्विलांस और पुलिस के शोषण के बारे में जानकारी दी।
गु ने कहा, ‘अधिकारियों के दमन के कारण हम अपने धर्म से पीछे नहीं हटेंगे।’
रिपोर्ट में कहा गया है कि जहां दुनिया भर के करोड़ों ईसाई क्रिसमस मना रहे हैं, वहीं चीन में ईसाइयों के खिलाफ गुप्त ढंग से दमन किया जा रहा है।
इसके अलावा यह भी कहा गया है कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग इस बात से चिंतित हैं कि स्वतंत्र पूजा सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के लिए देश में प्रभुत्व को लेकर संकट पैदा कर सकती है। ऐसे में पार्टी ने ईसाई धर्म को पार्टी के नियंत्रण में लाने की मांग की है।
चीन की सरकार ने इस साल ही बाइबल की ऑनलाइन बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। चर्चों को तोड़ा और करीब आधे दर्जन से ज्यादा प्रार्थना स्थलों को बंद करा दिया है। इस तरह के कदम धर्म को राज्य के नियंत्रण में लाने की कोशिश के तहत किए जा रहे हैं। इस तरह की खबरें आ चुकी हैं कि चीन में हजारों को मुस्लिमों को हिरासत में लिया हुआ है।
पार्टी के कई लोगों का मानना है कि ईसाई धर्म चीन में सबसे तेजी से बढ़ रहा है। जो पश्चिमी संस्कृति को बढ़ावा देता है। क्रिसमस की पूर्व संध्या पर सरकार ने अर्ली रेन के हेडक्वॉर्टर पर यह कहते हुए एक सूचना लिखी है कि इसकी 23वें मंजिल पर स्थित सेंक्चुरी को स्थानीय सरकार दफ्तर में तब्दील कर दिया गया है।
चेंगदू के एक टीचर ली शुआंग्दे, जो 2011 से अर्ली रेन के मेंबर रहे हैं, ने कहा कि चर्च के सदस्यों से एक पत्र पर भी हस्ताक्षर करने को कहा गया है, जिसमें लिखा हे कि वह अब ईसाई धर्म में भरोसा नहीं करते हैं। उन्होंने बताया कि हमारे पास वहां से चले जाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था और हम लोग भूमिगत हो गए।
-एजेंसियां

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