चीन ने अमेरिका से कहा, ताइवान के मुद्दे पर संभलकर बोले

चीन ने कहा है कि ताइवान के मसले पर किसी तरह के समझौते या छूट के लिए ‘कोई जगह नहीं’ है. चीन का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है तो अमेरिका उसकी रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है.
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने रोज़ाना होने वाली ब्रीफ़िंग में फिर से उस चीनी दावे को दुहराया कि ताइवान चीन का ही हिस्सा है.
उन्होंने कहा, “बात जब चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय एकता जैसे प्रमुख हितों की हो तो किसी तरह के समझौते या छूट के लिए जगह नहीं है.”
वांग वेनबिन ने कहा कि किसी को चीनी की संप्रभुता और एकता बचाने की हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता और मज़बूत क्षमता को कम करके नहीं आँकना चाहिए.”
हाल के हफ़्तों में ताइवान और चीन में तनाव बढ़ा है. चीन के दर्जनों लड़ाकू विमानों ने ताइवान के हवाई क्षेत्र में अतिक्रमण किया था.
ब्रीफ़िंग में वांग वेनबिन ने कहा, “ताइवान चीन का अविवादित अंग है. ताइवान का मुद्दा पूरी तरह से चीन का आंतरिक मामला है और इसमें किसी तरह के विदेशी दख़ल की इजाज़त नहीं है.”
उन्होंने कहा कि ताइवान के बारे में बोलते हुए अमेरिका को शब्दों को लेकर सतर्क रहना चाहिए और ताइवान की आज़ादी के लिए अलगाववादी ताक़तों को कोई ‘ग़लत संकेत’ नहीं भेजना चाहिए ताकि चीन और अमेरिका के रिश्तों को गंभीर नुक़सान न पहुँचे और ताइवान में शांति और स्थिरता भी भंग न हो.
बाइडन ने क्या कहा था?
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा था कि चीन अगर ताइवान पर हमला करता है तो अमेरिका ताइवान का बचाव करेगा. राष्ट्रपति बाइडन ने ताइवान पर अमेरिका के पुराने रुख़ से अलग लाइन लेते हुए यह बयान दिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा गया था कि क्या अमेरिका ताइवान की रक्षा करेगा तो बाइडन ने कहा, ”हाँ, ऐसा करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं.”
अमेरिकी न्यूज़ चैनल सीएनएन के टाउनहॉल प्रोग्राम में एक प्रतिभागी ने हाल में चीन के कथित हाइपसोनिक मिसाइल परीक्षण की रिपोर्ट का ज़िक्र किया और पूछा किया क्या बाइडन ताइवान की रक्षा को लेकर प्रतिबद्ध हैं? बाइडन चीन की सेना का सामना करने के लिए क्या करेंगे?
इन सवालों के जवाब में बाइडन ने कहा, ”हाँ और हाँ. इसे लेकर निराश होने की ज़रूरत नहीं है कि वे और मज़बूत हो रहे हैं क्योंकि चीन, रूस और बाक़ी दुनिया को पता है कि दुनिया के इतिहास में हमारी सेना सबसे ताक़तवर है.”
बाइडन से सीएनएन एंकर एंडर्सन कूपर ने एक और सवाल किया कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है तो क्या अमेरिका मदद के लिए सामने आएगा? इस पर बाइडन ने कहा, ”हाँ, ऐसा करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं.”
लेकिन बाद में बाइडन की टिप्पणी पर व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जेन साकी ने स्पष्टीकरण दिया और कहा कि अमेरिका ने अपनी नीति में किसी भी तरह के बदलाव की घोषणा नहीं की है. यह कोई पहली बार नहीं है जब ऐसा हुआ है.
इससे पहले अगस्त महीने में भी बाइडन ने एबीसी न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में ताइवान पर इसी तरह का बयान दिया था. उस वक़्त भी व्हाइट हाउस ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि अमेरिका की ताइवान पर नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है.
ताइवान ने क्या कहा?
ताइवान के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा है कि हम न तो दबाव में झुकेंगे और न ही कोई समर्थन मिलने पर जल्दबाज़ी में कोई क़दम उठाएंगे.
ताइवान की राष्ट्रपति के प्रवक्ता ज़ेवियर चेंग ने कहा, ”ताइवान मज़बूती से आत्मरक्षा करेगा.”
चेंग ने माना कि अमेरिका के बाइडन प्रशासन ने लगातार ताइवान को ठोस समर्थन दिया है.
टाउन हॉल में बाइडन के बयान से पहले गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत चांग जुन ने ताइवान पर अमेरिकी रुख़ को ख़तरनाक बताया था.
-एजेंसियां

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