चीन ने US का नाम लिए बिना कहा, एक-दो देश वैश्विक नियम तय नहीं कर सकते

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मंगलवार को कहा कि एक-दो देश वैश्विक नियम तय नहीं कर सकते हैं. चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसा करने की कोशिश की जाएगी तो किसी को फ़ायदा नहीं होगा. चीनी राष्ट्रपति सालाना बोआओ फोरम में बोल रहे थे. इसे चीनी दाओस भी कहा जाता है.
इस बार यह बैठक वर्चुअली हुई, जिसमें कई एशियाई नेता शामिल हुए. चीनी मीडिया के अनुसार इस फोरम की बैठक में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जा-इन, इंडोनेशिया के जोको विदोदो, श्रीलंकाई राष्ट्रपति गोटाभाया राजपक्षे और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भी मौजूद थीं.
चीनी राष्ट्रपति ने अमेरिका पर बिना नाम लिए निशाना साधा. चीनी राष्ट्रपति ने कहा, ”संयुक्त ताक़तें और एक महामारी ने दुनिया को अस्थिर किया है और दोनों दिखती नहीं हैं. इनसे पूरी दुनिया में अस्थिरता और अनिश्चितता बढ़ी हैं. बहुध्रुवीय दुनिया को लेकर कोई मौलिक बदलाव नहीं हुआ है. आर्थिक वैश्वीकरण में अब उदारता दिख रही है और बहुध्रुवीय दुनिया को लेकर भी संचार-समन्वय बढ़ रहा है. हमें बहुध्रुवीय दुनिया की तरफ़ बढ़ने की ज़रूरत है और संयुक्त राष्ट्र केंद्रित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था ही मान्य हो सकती है.”
इससे पहले जनवरी में शी जिनपिंग ने दावोस में वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम में अमेरिकी नेतृत्व को ‘छोटा गुट’ कहा था. चीन ने हाल के दिनों में जापान, ऑस्ट्रेलिया, भारत और अमेरिका वाले क्वॉड समूह को लेकर भी नाराज़गी जताई है.
मंगलवार को चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया एक-दो देशों के तय किए गए नियम के हिसाब से नहीं चल सकती. राष्ट्रपति जिनपिंग ने कहा, ”आज ज़रूरत इस बात की है कि हमें इंसाफ़ मिले न कि एकाधिकार बोलबाला हो. बड़े देशों की यह ज़िम्मेदारी है कि जवाबदेही की उपेक्षा न करें.”
शी जिनपिंग ने कहा, ”हम बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव यानी बीआरआई को लेकर प्रतिबद्ध हैं. हमने बीआरआई पार्टनर्स के बीच संयुक्त रूप से वैक्सीन का उत्पादन शुरू कर दिया है. इस प्रक्रिया में इंडोनेशिया, ब्राज़ील, यूएई, मलेशिया, पाकिस्तान और तुर्की शामिल हैं.”
-BBC

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *