महामारी के दौर में भी साजिशें रच रहा है चीन, भारत एक उदाहरण: अमेरिका

वॉशिंगटन। अमेरिका ने कहा है कि पूरी दुनिया महामारी का दंश झेल रही है लेकिन इन सबके बीच भी चीन अपनी नापाक साजिश को अंजाम देने में लगा हुआ है। अमेरिकी राजनयिक डेविड स्टिलवेल ने कहा कि वुहान में कोविड-19 के सामने आने के बाद भारत उन देशों में शामिल है, जहां से चीन लाभ लेने में जुटा हुआ है। स्टिलवेल का इशारा चीन द्वारा लद्दाख की सीमा में की गई घुसपैठ की तरफ था। उन्होंने कहा कि इसके इतर भी कई ऐसे सबूत हैं, जिनसे ये बात स्पष्ट होती है कि बीजिंग किन इरादों के साथ आगे बढ़ रहा है।
अमेरिकी राजनयिक ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वुहान से कोरोना के प्रकोप के बाद से हमने जो देखा है, ऐसा लगता है कि पीआरसी (पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना) स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रही है, और मुझे लगता है कि उनमें से भारत एक उदाहरण है। स्टिलवेल ने कहा, बीजिंग में बैठे अपने दोस्तों से मैं कहना चाहूंगा कि वे इन मुद्दों को हल करने के लिए शांतिपूर्ण तरीकों और बातचीत के माध्यम की मदद लें। पूर्वी एशियाई और प्रशांत मामलों के सहायक सचिव ने भी अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो की टिप्पणी को दोहराते हुए कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका भारत और चीन के बीच सीमा गतिरोध के शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद करता है।अमेरिकी राजनयिक की यह टिप्पणी लद्दाख में 29/30 अगस्त की रात को चीनी घुसपैठ के बाद आई है। जहां चीन के सैनिकों ने पूर्वी लद्दाख की पेंगोंग त्सो झील के दक्षिणी किनारे पर घुसपैठ की कोशिश की लेकिन भारतीय सुरक्षाबलों की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। भारतीय सेना ने कहा, ‘पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवानों ने 29/30 अगस्त की रात को पूर्वी लद्दाख में चल रहे गतिरोध के दौरान दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने के लिए हुई सैन्य और राजनयिक बातचीत का उल्लंघन किया और यथास्थिति को बदलने के लिए घुसपैठ की।’ सेना ने कहा, ‘भारतीय सेना ने पेंगोंग त्सो झील के दक्षिणी किनारे पर पीएलए के जवानों की इस कायराना हरकत को नाकाम कर दिया। सेना के जवानों ने इस इलाके में हमारी स्थिति को मजबूत किया और जमीनी स्थिति को बदलने के चीनी इरादों को ध्वस्त किया।’भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर पूछे गए एक सवाल पर डेविल स्टिलवेल ने कहा, हिमालय में हो रहे संघर्ष खासतौर पर पीआरसी के अपने पड़ोसियों से मतभेदों को लेकर हैं, हम उन्हें सलाह देते हैं कि वे इन मुद्दों को शांति और बातचीत के साथ हल करें, ना कि बल का प्रयोग करें।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *