ताइवान स्‍ट्रेट से अमेरिकी युद्धपोतों के गुजरने पर चीन भड़का, अमेरिकी नौसेना ने भी किया पलटवार

ताइवान स्‍ट्रेट से अमेरिकी युद्धपोतों के गुजरने पर चीन भड़क उठा है। चीन ने कहा है क‍ि अमेरिका ने ताइवान स्‍ट्रेट में अपनी ताकत का प्रदर्शन क‍िया है। उधर, अमेरिका की नौसेना ने भी पलटवार क‍िया है।
दक्षिण चीन सागर में चल रहे तनाव के बीच चीन ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उसने ताइवान जलडमरूमध्य में गुरुवार की सुबह अपने दो जंगी जहाजों के जरिए ‘शक्ति का प्रदर्शन’ किया। चीन के इस आरोप पर अमेरिकी नौसेना ने भी करार जवाब दिया है। अमेरिकी नौसेना ने कहा है कि विध्वंसक पोत यूएसएस एस मैककेन और यूएसएस कर्टिस विल्बर ने अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के तहत ताइवान जलडमरूमध्य मार्ग का इस्तेमाल किया।
अमेरिकी नौसेना ने अपनी वेबसाइट पर एक बयान में कहा है कि पोत की आवाजाही मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धता को दिखाती है।
चीन के रक्षा मंत्रालय ने घटनाक्रम को ‘शक्ति का प्रदर्शन’ और भड़काऊ कदम बताते हुए कहा कि इससे ताइवान के स्वतंत्र बलों को गलत संकेत गया और ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता को नुकसान पहुंचा है।
‘किसी भी खतरे या उकसावे का जवाब दे सकती है चीन की सेना’
चीन के रक्षा मंत्रालय ने अपने आधिकारिक माइक्रोब्लॉग पर लिखा, ‘हम पुरजोर तरीके से इसका विरोध करते हैं।’ साथ ही कहा कि चीनी नौसेना ने समुद्र और हवाई क्षेत्र से जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखी।
रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘चीन की सेना हर समय सतर्क रहती है और राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए किसी भी खतरे या उकसावे का जवाब दे सकती है।’
चीन ताइवान को अपना क्षेत्र मानता है। ताइवान के जलडमरूमध्य इलाके को सामान्य रूप से अंतर्राष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता है। ताइवान को अमेरिका द्वारा सैन्य मदद पर भी चीन विरोध जता चुका है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसने जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही पर नजर रखी और ‘स्थिति नियंत्रण में है।’
-एजेंसियां

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