जासूसी के आरोप में ऑस्ट्रेलियाई लेखक गिरफ्तार

बीजिंग। चीन में सात महीने से रोक कर रखे गए एक ऑस्ट्रेलियाई लोकतंत्र समर्थक लेखक को जासूसी के आरोप में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया है।
ऑस्ट्रेलियन विदेश मंत्री मारिज पायने ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बीजिंग से न्याय के “बुनियादी मानकों” को बरकरार रखने की मांग की।
पायने ने कहा कि वह बहुत चिंतित थीं कि चीन में जन्मे यांग हेंगजुन को जासूसी के संदेह पर गिरफ्तार किया गया था। वह पहले एक अधिकारी थे, जो बाद में लेखक बन गए थे।
जनवरी में अमेरिका से चीन में लौटने के बाद 50 वर्षीय यांग को हिरासत में लिया गया था। उन्होंने बीजिंग की सत्तावादी सरकार की आलोचना करने के लिए लोकप्रिय ब्लॉग और सोशल मीडिया पोस्ट का इस्तेमाल किया था। अकेले ट्विटर पर उनके फॉलोअर्स की संख्या एक लाख 25,000 से अधिक है।
अपने वकील या परिवार के लोगों से उन्हें कई महीनों से नहीं मिलने दिया गया है। यांग पर लगे आरोपों की अब सुनवाई हो रही है, जिसमें दोषी पाए जाने पर उन्हें लंबी जेल की सजा हो सकती है। यांग के भाग्य के बारे में चीन की चुप्पी की वजह से हाल के महीनों में ऑस्ट्रेलिया और चीन के संबंधों में तनाव रहा है।
एक तीखे शब्दों में पायने ने कहा कि उन्होंने अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ व्यक्तिगत रूप से और पत्रों के माध्यम से मामले को पांच बार उठाया था। पायने ने यातना पर रोक लगाने वाले अंतर्राष्ट्रीय नियमों का हवाला देते हुए कहा कि डॉ. यांग को सात महीने से अधिक समय तक बिना किसी आरोप के खराब परिस्थितियों में रखा गया है।
चीनी-ऑस्ट्रेलियाई लेखक और पूर्व चीनी राजनयिक यांग हेंगजुन को चीन में हिरासत में लिया गया है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री वरिष्ठ चीनी अधिकारियों के साथ वार्ता के लिए बीजिंग पहुंचे थे। उस समय से चीन ने डॉ. यांग को नजरबंद कर लिया था, लेकिन इसके कारणों के बारे में नहीं बताया था। उन्हें न तो अपने वकीलों से मिलने की इजाजत दी गई और न ही पारिजनों के पास जाने की अनुमति दी।
हम उम्मीद करते हैं कि न्याय के बुनियादी मानकों को पूरा किया जाएगा। यदि डॉ. यांग को उनकी राजनीतिक मान्यताओं के लिए रोका गया है तो उन्हें रिहा किया जाना चाहिए। चीन में गिरफ्तार किए गए विदेशी नागरिकों की कड़ी में यांग नवीनतम है और जिन पर जासूसी के आरोप लगाए गए हैं। इससे पहले दो कनाडाई पूर्व राजनयिक माइकल कोवरिग और व्यवसायी माइकल स्‍पावर को दिसंबर में हिरासत में लिया गया था।
-एजेंसियां

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