पौन घंटे एक भिखारी का इंतजार करते रहे झारखंड के मुख्‍यमंत्री

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मंत्री मिथलेश ठाकुर भीख मांगकर गुजारा करने वाले रविदास नामक शख्स से मिलने के लिए 45 मिनट तक इंतजार करते रहे। इस कदम के जरिए सीएम ने राज्य की जनता को मैसेज देने की कोशिश की है कि मुख्यमंत्री उनका सेवक है।
अक्सर मीडिया में खबरें आती हैं कि फलां क्षेत्र के सांसद-विधायक चुनाव बाद कभी अपने वोटरों के पास नहीं गए। फलां नेता सीएम, मंत्री बनने के बाद जमीन से दूर चले गए हैं लेकिन इस बीच जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद को प्रधानमंत्री के बजाय प्रधानसेवक कहना शुरू किया तभी से इस शब्द के मायने बदल गए। हालांकि इस शब्‍द का प्रधानमंत्री की गरिमा या ताकत से खास मतलब नहीं है, लेकिन इसके जरिए मोदी ने जनता को जो मैसेज देने की कोशिश की वह काफी हद तक सफल रही।
इस मैसेज ने लोगों को समझाया कि लोकतंत्र में प्रधानमंत्री भी जनता का सेवक होता है, ना कि राजा।
इस वजह से भीख मांगने को मजबूर हुआ रविदास
राजकुमार रविदास हजारीबाग जिले के एक गांव के रहने वाले हैं। करीब 4 साल पहले वह रांची आ गए थे और जैसे-तैसे पैसे जुटाकर रिक्शा चलाकर अपना और परिवार का पोषण कर रहे थे। कुछ महीने पहले रविदास का रिक्शा चोरी हो गया, जिसके बाद वह कूड़ा बीनकर गुजारा करने लगे।
लॉकडाउन होने की वजह से कबाड़ी की दुकानें बंद हो गई हैं, जिसके कारण रविदास के सामने भुखमरी की नौबत आ गई। अब रविदास रांची के संत जेवियर कॉलेज के पास बैठकर भीख मांगते हैं। लॉकडाउन में लोगों की आवाजाही कम होने के चलते उन्हें भीख भी नहीं मिल पा रही थी।
स्थानीय मीडिया में रविदास की दुख की कहानी प्रकाशित हुई तो पेयजल एंव स्वच्छता मंत्री मिथलेश ठाकुर ने व्यक्तिगत कोष से एक रिक्शा खरीदा और मुख्यमंत्री के हाथों इसे रविदास को दिलाया।
सीएम आवास में होता रहा रविदास का इंतजार
बताया जा रहा है कि रविवार को मुख्यमंत्री कार्यालय से रविदास को सूचना गई की सीएम हेमंत सोरेन ने उन्हें रिक्शा देने को बुलाया है। भीख मांग रहे रविदा को भरोसा नहीं हुआ। फिर वह अपना भीख का कटोरा और सामान का थैला लेकर सीएम आवास के बाहर पहुंच गए। यहां वह गेट के बाहर कटोरा लेकर खड़े थे। रविदास को सीएम आवास तक पहुंचने में थोड़ा वक्त लग गया। इस वजह से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मंत्री मिथलेश ठाकुर 45 मिनट तक नया रिक्शा लेकर उसका इंतजार करते रहे।
रविदास जैसे ही सीएम आवास के भीतर पहुंचे तो उनके चेहरे के भाव काफी कुछ कह रहे थे। नया रिक्शा पाकर रविदास काफी खुश दिखे। इस घटना की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। रविदास ने कहा कि भीख मांगना उसे अच्छा नहीं लगता, लेकिन मजबूरी में ऐसा कर रहे थे। अब रिक्शा चलाकर दोबारा मेहनत शुरू करेंगे और पेट की आग बुझाएंगे।
-एजेंसियां

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