एयरपोर्ट पर चेकिंग, फिर भी भारत में कैसे घुस रहा है कोरोना?

नई दिल्‍ली। आखिर एयरपोर्ट्स पर इतनी कड़ी जांच के बाद बाद भी कोराना भारत में क्यों घुस रहा है?
लोकसभा में गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कोरोना के मामले लगातार बढ़ने और एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया।
उन्होंने एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग की प्रक्रिया को समझाते हुए कहा कि कोई केस पॉजिटिव मिलने का मतलब यह नहीं है कि स्क्रीनिंग में लापरवाही हुई होगी। कई मामलों में रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद भी कोरोना के लक्षण डिवेलप होते हैं। इसके लिए सरकार स्क्रीनिंग के बाद भी संदिग्ध लोगों की लगातार निगरानी कर रही है।
उन्होंने संसद में एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग से लेकर किसी शख्स के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद तक सरकार के पूरे एक्शन की जानकारी दी।
एयरपोर्ट पर ऐसे होती है थर्मल स्क्रीनिंग
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया, ‘जब भी कोई यात्री बाहर से आता है तो वह एक सेल्फ डिक्लरेशन फॉर्म भरता है। इसके बाद उसकी थर्मल स्क्रीनिंग होती है। उसकी हिस्ट्री, लक्षण और थर्मल स्क्रीनिंग के नतीजों को जाना जाता है। कोरोना के लक्षण वाले कुछ लोगों को उसी समय अलग कर लिया जाता है लेकिन कुछ लोगों पर जरा भी शक होता है तो उनकी लिस्ट बनाई जाती है। ऐसे सारे यात्रियों का कंप्यूटराइज्ट डेटा रखा जा जाता है।
रिपोर्ट निगेटिव के बाद भी कोरोना संभव
पेशे से डॉक्टर स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि स्क्रीनिंग में रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी कई बार यह पॉजिटिव हो सकती है। उन्होंने बताया, ‘मुझमें आज अगर कोई लक्षण नहीं हैं। थर्मल स्क्रीनिंग में भी रिपोर्ट निगेटिव है, तो भी निगरानी पीरियड में कोरोना के लक्षण दिख सकते हैं। ऐसे संदिग्ध लोगों की सभी जानकारियां देश के सभी जिलों में सर्विलांस अफसरों और राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दे दी जाती हैं।’
ऐसी होती है कोरोना संदिग्धों की निगरानी
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कोरोना संदिग्ध मरीजों की लगातार निगरानी की जा रही है। देश में करीब 30 से 35 हजार लोग कम्युनिटी सर्विलांस में हैं। उनके हर मूवमेंट के ऊपर नजर रखी जा रही है।
फिर पॉजिटिव केस क्यों मिल रहे हैं
हर्षवर्धन के मुताबिक बाहर से आए यात्री का कुछ दिन बाद कोरोना पॉजिटिव मिलने का यह मतलब नहीं है कि उसकी स्क्रीनिंग में चूक हुई है। इसका मतलब है यह है कम्युनिटी सर्विलांस इतना जबर्दस्त है कि चार दिन बाद भी उसमें कोरोना के लक्षण दिखने पर अलग कर लिया जाता है। केरल सरकार ने जब पहले तीन केस आए, तो हमने हर राज्य को जानकारियां देनी शुरू की। हर्षवर्धन ने बताया कि देशभर में कोरोना के मामलों पर केंद्र सरकार की पैनी नजर है। हर दिन शाम को हर राज्य से एक डीटेल रिपोर्ट आती है।
कोरोना पॉजिटिव शख्स से जुड़े 250 लोगों तक की जांच
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जब कोई शख्स कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसके आसपास के लोगों को जांच के घेरे में ले लिया जाता। उन्होंने बताया कि एक-एक पॉजिटिव केस की डीटेल स्क्रीनिंग की जाती है। एक केस में 162 से 200-250 लोगों तक को ट्रेस किया जाता है।
चार फ्लाइट एक साथ आए तो भी थर्मल स्क्रीनिंग संभव
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि किसी एयरपोर्ट पर चार फ्लाइट्स एक साथ आने पर भी थर्मल स्क्रीनिंग संभव है। उन्होंने खुद 3 घंटे एयरपोर्ट पर जाकर इसकी जांच की है। पहले सात एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग शुरू की गई थी। इसमें मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नै और कोच्चि शामिल थे। अब 30 एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग की जा रही है।
कहां होती है नमूनों की जांच
हर्षवर्धन ने बताया कि यह वायरस हर लैब में टेस्ट नहीं हो सकताहै। पुणे में सेंट्रल रेफरेंस लैब है। इसके अलावा 15 और लैब्स शुरू की गई हैं। पूरे देश में 51 लैब और 56 जगहों पर कोरोना वायरस के नमूनों के कलेक्शन सेंटर बनाए गए हैं।
-एजेंसियां

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