चाबहार आतंकी हमले के तार भी जुड़ रहे हैं पाकिस्‍तान से

तेहरान। ईरान की पोर्ट सिटी चाबहार में गुरुवार को हुए आतंकवादी हमले के तार पाकिस्तान के अंसार अल फरगान से जुड़ते नजर आ रहे हैं। आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से रिश्ते रखने वाले अंसार अल फरगान के हमले में दो पुलिस वालों की मौत हो गई और करीब 30 लोग घायल हो गए।
चाबहार बंदरगाह से भारत के बड़े कारोबारी हित जुड़े हैं। वह बंदरगाह के पहले फेज़ को मैनेज करने में मदद कर रहा है। भारत बंदरगाह के विस्तार और क्षेत्र में स्पेशल इकनॉमिक ज़ोन बनाने में भी मदद कर रहा है। उसकी चाबहार बंदरगाह से अफगानिस्तान की सीमा पर स्थित जहेदान तक रेल ट्रैक बिछाने की भी योजना है। चाबहार अफगानिस्तान और मध्य एशिया में भारत का अहम प्रवेशद्वार है। भारत अफगानिस्तान को खाद्यान्न चाबहार बंदरगाह के ज़रिए ही भेजता है। अमेरिका ने चाबहार बंदरगाह में भारत के कामकाज को बैन से बाहर रखा है।
भारत ने चाबहार पर हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, ‘भारत चाबहार में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता है। हम ईरान सरकार, वहां के लोगों और हमले के शिकार लोगों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। इस कायराना हमले के दोषियों को जल्द सज़ा मिलनी चाहिए। किसी भी आतंकवादी गतिविधि को किसी तरह जायज़ नहीं ठहराया जा सकता।’
ईरान की आधिकारिक मीडिया रिपोर्ट्स आतंकी हमले में प्रतिबंधित सगठन अंसार-अल-फरगान का हाथ होने की तरफ इशारा कर रही हैं। ईरान और पाकिस्तान से जुड़े इलाकों की जानकारी रखने वाले विशेषज्ञों ने इकनॉमिक टाइम्स को बताया कि इस संगठन के तार जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैं। यह पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के जुंदुल्ला से अलग हुआ आतंकवादी संगठन है। इस समूह के तार अलकायदा की सीरिया वाली शाखा अल नुसरा से भी जुड़े हैं।
पार्लियामेंट पर आतंकवादी हमले का जिम्मेदार जैश-ए-मोहम्मद का सरगना UN की तरफ से आतंकवादी करार दिया गया मौलाना मसूद अजहर है। भारत UN की सिक्यॉरिटी काउंसिल से अजहर को प्रतिबंधित कराना चाहता है, लेकिन इसमें चीन अड़ंगा लगा रहा है। यह भारत और चीन के रिश्तों में खटास डाल रहा है।
ईरानी अधिकारियों ने कहा कि आतंकवादियों ने गुरुवार की सुबह दक्षिणी-पूर्वी प्रांत सिस्तान और बलूचिस्तान स्थित चाबहार पुलिस हेडक्वार्टर में विस्फोटक से लदे वाहन से हमला किया। सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत के गवर्नर अहमद अली मोहेबाती ने कहा कि सुरक्षा बलों की फौरी कार्यवाही के चलते आतंकी हेडक्वार्टर में घुस नहीं पाए। सिक्योरिटी अफेयर्स के डिप्टी गवर्नर मोहम्मद हाजी मराशी ने बताया कि गाड़ी में सवार आतंकवादी मारा गया। पाकिस्तान सीमा से सटे ईरान के सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में पिछले कुछ सालों में नागरिकों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने वाले कई आतंकवादी हमले हुए हैं।
-एजेंसियां

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