हेलिकॉप्‍टर दुर्घटना में सीडीएस बिपिन रावत और उनकी पत्‍नी का निधन, वायुसेना ने की पुष्‍टि

देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ CDS बिपिन रावत और उनकी पत्नी का निधन हो गया है। तमिलनाडु में एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में उनकी मौत हो गई. भारतीय वायु सेना ने ट्विटर पर इसकी जानकारी दी है। इस हेलिकॉप्टर में कुल 14 लोग सवार थे, जिनमें से 13 की मौत हो गई है। सीडीएस बिपिन रावत का हेलिकॉप्टर तमिलनाडु के कुन्नूर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
भारतीय वायु सेना के मुताबिक़ ये एमआई-17वी5 हेलिकॉप्टर था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिन में ही बिपिन रावत के घर जाकर उनके परिजनों से मुलाक़ात की थी। इसके बाद सेनाध्यक्ष नरवणे भी बिपिन रावत के घर पहुँचे थे। जनरल रावत को एक जनवरी 2020 को देश का पहला चीफ़ डिफेंस ऑफ स्टाफ़ नियुक्त किया गया था। वायु सेना ने जानकारी दी है कि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच का आदेश दिया गया है।
बताया जा रहा है कि सीडीएस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी एक कार्यक्रम में हिस्सा लेकर दिल्ली लौट रहे थे। तभी एयरफोर्स का एमआई17-वी5 हेलिकॉप्टर नीलगिरी के जंगली इलाके में क्रैश कर गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हेलिकॉप्टर हादसे में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जाहिर की है। उन्होंने ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के जल्दी ठीक होने के लिए प्रार्थना की है। उनका इलाज किया जा रहा है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जनरल रावत और उनकी पत्नी के निधन पर दुख जताया है। ट्वविटर पर पोस्ट किए अपने संदेश में उन्होंने कहा है कि बीते कुछ सालों में उन्होंने मिलकर काम किया। उन्होंने जनरल रावत की मृत्यु को ‘देश का बड़ा नुक़सान’ बताया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने जनरल रावत के निधन पर दुख जाहिर कहते हुए कहा है कि उनके योगदान को ‘शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है।’
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी दुख जताया है. उन्होंने ट्विटर पर पोस्ट किए संदेश में हादसे में मारे गए दूसरे लोगों के प्रति भी संवेदना जाहिर की है।
ऊंटी वेलिंगटन से दिल्ली लौटते वक्त हुआ हादसा
कार्यक्रम ऊंटी के वेलिंगटन में आयोजित किया गया था। वहां सीडीएस जनरल रावत लेक्चर देकर लौट रहे थे। ऊंटी वेंलिगटन में आर्म्ड फोर्सेज का कॉलेज है। हेलिकॉप्टर में सीडीएस और उनकी पत्नी के साथ ब्रिगेडियर रैंक के अधिकारी भी थे जो सीडीएस के स्टाफ ऑफिसर थे। इनके अलावा दो पायलट भी साथ में थे। बताया जा रहा है कि सीडीएस को ले जाने वाले विमान या हेलिकॉप्टर के उड़ाने का खास प्रॉटोकॉल होता है।
हादसे की वजह का पता नहीं
क्रैश की वजहों को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि शायद मौसम की खराबी और बादल की वजह से हेलिकॉप्टर के पायलट सही अनुमान लगाने से चूक गए और यह हादसा हो गया। अब कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी की जाएगी, तभी पता चल पाएगा कि हादसा किन वजहों से हुआ।
पहले भी विमान हादसे का शिकार हो चुके हैं बिपिन रावत
ये पहली बार नहीं है जब सीडीएस बिपिन रावत हादसे का शिकार हुए हों। वाक्या 2015 का है, जब बिपिन रावत का हेलिकॉप्टर कैश हुआ था।
यह घटना थी 3 फरवरी 2015 की है। उस वक्त बिपिन रावत चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ नहीं बने थे। बिपिन रावत को सीडीएस साल 2016 में नियुक्त किया गया था। बिपिन रावत देश के पहले सीडीएस हैं। तब लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत सेना की नगालैंड के दिमापुर स्थित 3-कोर के हेडक्वार्टर के प्रमुख का पद संभाल रहे थे। दिमापुर से रावत अपने चीता हेलिकॉप्टर में सवार होकर निकले, लेकिन कुछ ऊंचाई पर उनके चॉपर का नियंत्रण खो गया और हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। बताया जाता है कि हादसे के पीछे इंजन फेल होने का कारण था। न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, हालांकि सीडीएस बिपिन रावत ने मौत को मात दी। उस वक्त उन्हें मामूली चोटें आई थी।
उस वक्त सेना ने अपने आधिकारिक बयान में कहा था कि हेलिकॉप्टर जमीन से कुछ मीटर की ऊंचाई तक ही पहुंच पाया था। इसी दौरान सिंगल इंजन के इस चॉपर में कुछ गड़बड़ी आ गई और इसके दोनों पायलटों का नियंत्रण छूट गया। लेकिन क्रैश में किसी की भी जान जाने की खबर नहीं आई थी। इस घटना में भी वायुसेना ने उच्चस्तरीय जांच बिठाई थी।
-एजेंसियां

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