CBSE ने बताया, कब तक आ पाएगा बोर्ड की परीक्षाओं का रिजल्‍ट

नई दिल्‍ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड CBSE ने 10वीं, 12वीं के रिजल्ट को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। ये जानकारी खुद बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक अनुराग त्रिपाठी द्वारा दी गई है। उन्होंने रिजल्ट के साथ-साथ बोर्ड की बची परीक्षाओं को लेकर भी सूचना दी है।
CBSE के परीक्षा नियंत्रक अनुराग त्रिपाठी ने कहा है कि वर्तमान हालात में परीक्षाएं करा पाना संभव नहीं है इसलिए 10वीं बोर्ड के बचे पेपर्स नहीं कराए जा रहे हैं। जिन पेपर्स की परीक्षा नहीं होगी, उनमें बच्चों को इंटर्नल असेसमेंट के आधार पर पास किया जाएगा। हालांकि नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में 10वीं के प्रमुख 6 पेपर्स की परीक्षा ली जाएगी।
वहीं, 12वीं की परीक्षा को लेकर अभी कुछ क्लीयर नहीं है। 12वां कक्षा के 12 विषयों की परीक्षा होनी अभी बाकी है। बोर्ड का कहना है कि लॉकडाउन के बाद हालात को देखते हुए इस पर फैसला लिया जाएगा। अगर लॉकडाउन बढ़ा तो उस अनुसार प्लान बनाया जाएगा।
कब तक रिजल्ट
CBSE के परीक्षा नियंत्रक अनुराग त्रिपाठी ने जानकारी दी है कि 10वीं व 12वीं के जिन पेपर्स की परीक्षाएं ली जा चुकी हैं, उनकी आंसर शीट्स का मूल्यांकन कुछ जगहों पर शुरू हो चुका है लेकिन क्योंकि परीक्षाएं अभी बाकी हैं, तो रिजल्ट तैयार होने में कम से कम दो महीने का समय लगेगा। यानी जून अंत से पहले रिजल्ट की संभावना नहीं है।
फिर NEET और JEE का क्या
मेडिकल व इंजीनयरिंग एडमिशन के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षाएं NEET और JEE Main का आयोजन भी काफी हद तक 12वीं बोर्ड एग्जाम रिजल्ट पर निर्भर करता है।
अनुराग त्रिपाठी ने कहा है कि 12वीं की परीक्षा और रिजल्ट जारी होने के बाद ही ये परीक्षाएं होने की संभावना है।
दिल्ली सरकार ने कीं ये 6 मांग
कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी बोर्ड ने बड़ा फैसला किया है कि 10वीं की बची हुई परीक्षा नहीं होंगी लेकिन 12वीं की परीक्षाओं पर अभी फैसला लिया जाना बाकी है। इस बीच दिल्ली सरकार की तरफ से शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने सीबीएसई और केंद्र सरकार के सामने कुछ मांगे रखी हैं। क्या हैं वे मांगे जानिए
1. सबसे पहले मनीष सिसोदिया ने मांग उठाई की CBSE की बची हुई सभी परीक्षाएं रद्द कर दी जाएं। उन्होंने बताया कि 10वीं और 12वीं के कुल 89 सबजेक्ट के पेपर्स रहते हैं। इसमें से 29 मेन सब्जेक्ट हैं। सिसोदिया ने कहा इन पेपर्स को रद्द किया जाना चाहिए।
2. पेपर्स नहीं होंगे तो बच्चे पैस कैसे होंगे, इसका तरीका भी सिसोदिया ने सुझाया। सिसोदिया ने कहा कि CBSE को ठीक वैसे पास करना चाहिए जैसे 9वीं और 11वीं में किया गया है। उनमें छात्रों के असेसमेंट और छिमाई के पेपर्स के रिजल्ट के अनुसार बच्चों को पास किया गया।
3. डेप्युटी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि जब तक स्कूलों को खाली करके पूरी तरह से सैनिटाइज नहीं किया जाता तब तक स्कूलों में न बुलाएं, यह सेफ नहीं होगा।
4. मनीष सिसोदिया की तरफ से उठाई गई सबसे बड़ी मांग यह है कि CBSE अपने पाठ्सक्रम में 30 फीसदी की कटौती करे। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हो क्योंकि बच्चे पढ़ ही नहीं पाए हैं। क्योंकि स्कूल बंद थे, किताबें तक नहीं मिलीं।
5. सिसोदिया ने मांग उठाई कि 30 प्रतिशत सिलेब्स की कटौती करने के बाद जेईई समेत अगली यूनिवर्सिटी के सभी पेपर्स उसी हिसाब से तैयार करने चाहिए। ताकि छात्रों को दिक्कत न हो।
6. दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि फिलहाल छात्रों के पास ऑनलाइन सिस्टम उपलब्ध नहीं है इसलिए दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडिया के कुछ वक्त का इस्तेमाल बच्चों को पढ़ाने में लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 68 प्रतिशत बच्चों के पास इंटरनेट से पढ़ने की सुविधा बाकी वंचित रह जाते हैं। दिल्ली सरकार ने दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो एफएम पर रोजाना तीन-तीन घंटे के समय की मांग की है ताकि दिल्ली सरकार के टीचर्स सभी बच्चों के लिए ऑन एयर क्लास चला सकें।
-एजेंसियां

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