CBSE बोर्ड परीक्षा के लिए संसदीय समिति ने दिया सुझाव

नई द‍िल्ली। CBSE की 10वीं-12वीं की परीक्षा की तैयारियों को लेकर संसदीय समिति ने शिक्षा मंत्रालय को सलाह दी कि बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में स्टूडेंट्स को “बिग क्वेश्चन बैंक” दिया जाना चाहिए। समिति यह सुझाव कोरोना वायरस महामारी के चलते अधूरी रह गई पढ़ाई की भरपाई करने के मकसद से दिया। इस बार CBSE बोर्ड परीक्षा 4 मई से 10 जून तक आयोजित होगी।

समिति के अधिकारियों ने दी महामारी के प्रभावों की जानकारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोरोना महामारी के स्कूली शिक्षा पर हुए प्रभावों के बारे बताते हुए शिक्षा से सम्बन्धित संसदीय समिति के अधिकारियों ने बताया कि इस शैक्षणिक सत्र में आपदा के चलते बड़ा ‘लर्निंग गैप’ हो सकता है। अधिकारियों का कहना है कि महामारी के दौरान ऑनलाइन क्लासे को फायदा सभी स्टूडेट्स नहीं ले पाएं। इंटरनेट और जरूरी डिवाइस की कमी के चलते अधिकतर निर्धन परिवारों से सम्बन्धित स्टूडेंट्स ऑनलाइन लर्निंग से वंचित रहे।

ऑनलाइन क्लासेस की व्यावहारिकता पर उठाएं सवाल

इस दौरान समिति के सदस्यों ने गरीब परिवारों के बच्चों के लिए ऑनलाइन क्लासेस की व्यावहारिकता पर भी सवाल खड़े किए। समिति के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि मंत्रालय को विज्ञापनों और अन्य जरियों से दूरदर्शन-आकाशवाणी पर विभिन्न विषयों की पढ़ाई का प्रसारण किए जाने का प्रचार-प्रसार करना चाहिए था। यही नहीं बीजेपी सांसद ने दूरदर्शन और आकाशवाणी को इंटरनेट के मुकाबले ज्यादा किफायती बताया। उन्होंने कहा कि इन दोनों माध्यमों की देश में व्यापक पहुंच है।
-एजेंसी

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