अतीक अहमद के घर और दफ्तर पर सीबीआई का छापा

प्रयागराज। जेल में बंद समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद अतीक अहमद के प्रयागराज स्थित घर और दफ्तर पर बुधवार सुबह केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) छापेमारी करने पहुंची। सीबीआई की चार टीम अतीक अहमद के आफिस और घर पर छापेमारी कर रही हैं। लगभग 40 अधिकारी सर्च अभियान में लगे हैं।
अतीक अहमद के चकिया में स्थित आवास, ऑफिस सहित बड़ा ताजिया के पास करीबी रेहान खान के घर पर भी सीबीआई की छापेमारी की कार्यवाही चल रही है।
अतीक के घर और ऑफिस के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है। इस दौरान छापेमारी को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए। सीबीआई भारी पुलिस फोर्स और आरएएफ के जवानों के लेकर पहुंची। एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव ने सीबीआई कार्यवही की पुष्टि की है। देवरिया जेल में लखनऊ के कारोबारी मोहित जायसवाल की पिटाई मामले में कोर्ट के आदेश पर यह छापेमारी हो रही है। अतीक पर आरोप है कि उन्होंने अपने गुर्गों से मोहित जायसवाल को अगवा करा लिया था और देवरिया जेल में पिटाई की थी। मोहित जायसवाल की चार कंपनियां भी अतीक और उसके गुर्गों के नाम पर करने का आरोप है।
‘किसी को घर के अंदर जाने की अनुमति नहीं’
छापे पर अतीक अहमद के वकील ने बताया, ‘सुबह 7.30 बजे सिक्योरिटी फोर्स पूर्व सांसद के घर पहुंची। उसके साथ सीबीआई की एक टीम भी थी। घर को सील कर दिया गया है और किसी को भी बाहर से जाने की वहां अनुमति नहीं है। हमें भी इस बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं है।’
बता दें कि जेल में बंद अतीक अहमद पर एक व्यवसायी का अपहरण करवाकर देवरिया जेल में पीटने और रंगदारी मांगने का आरोप लगा था। यूपी के जेल में बंद रहने के दौरान उसे कई जेलों में शिफ्ट किया गया लेकिन लगातार विवादों में रहने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने अतीक को गुजरात की जेल शिफ्ट करने का आदेश दिया था। बीते महीने बाहुबली को नैनी जेल से अहमदाबाद की जेल में ले जाया गया था।
एक दिन पहले सीबीआई ने दायर की थी चार्जशीट
सीबीआई ने एक कारोबारी के अपहरण की कथित रूप से साजिश रचने के मामले में पूर्व सांसद अतीक अहमद के करीबी जफर उल्लाह के खिलाफ मंगलवार को आरोपपत्र दायर किया था। सीबीआई दिसंबर, 2018 में रियल एस्टेट डीलर मोहित जायसवाल के अपहरण और हमले के आरोपों पर उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद के खिलाफ मामला पहले ही दर्ज कर चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुआ मामला
एक अधिकारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद पिछले महीने यह मामला दर्ज किया गया था। सीबीआई प्राथमिकी में दावा किया गया कि जायसवाल का लखनऊ से अपहरण करके देवरिया जेल ले जाया गया जहां पहले से बंद अहमद और उनके सहयोगियों ने उस पर कथित रूप से हमला किया और उसका कारोबार उन्हें हस्तांतरित करने को मजबूर किया। अहमद 2004 से 2009 तक उत्तर प्रदेश के फूलपुर से 14वीं लोकसभा में एसपी सदस्य रहे थे।
1979 से दर्ज है हत्या का मामला
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच को अमाइकस क्यूरी (न्यायमित्र) विजय हंसारिया और ऐडवोकेट स्नेहा कालिता ने बताया कि इलाहाबाद हाई कोर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक अतीक अहमद के खिलाफ कई मामले लंबित हैं जिनमें ट्रायल कोर्ट्स ने दोष तय नहीं किए हैं। हंसारिया ने बताया कि अहमद के खिलाफ साल 1979 से हत्या का केस दर्ज था लेकिन उसे 11 फरवरी, 2017 को ही जेल भेजा गया। अहमद 1989 से 2004 तक विधायक और 2004 से 2009 तक समाजवादी पार्टी का सांसद था।
-एजेंसियां

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