महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ CBI जांच के आदेश

मुंबई। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए देशमुख के खिलाफ CBI जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। अदालत ने 15 दिनों के अंदर रिपोर्ट भी मांगी है। आपको बता दें कि परमबीर सिंह ने बॉम्बे हाई कोर्ट में गृहमंत्री के खिलाफ सीबीआई जांच की याचिका दायर की थी। परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि देशमुख ने वझे को 100 करोड़ रुपए की वसूली का टारगेट दिया था। अदालत ने कहा कि देशमुख पर लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। ऐसे में इन आरोपों की जांच होना जरूरी है।
याचिका में कहा गया है कि अनिल देशमुख ने फरवरी महीने में अपने आवास पर कई मीटिंग की। मुंबई क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) के इंस्पेक्टर सचिन वाझे और मुंबई सोशल सर्विस ब्रांच (SCB) के एसीपी संजय पाटिल ने अपने सीनियरों को बायपास करके उन बैठकों में शामिल हुए थे। उस दौरान गृह मंत्री अनिल देशमुख ने वाझे और पाटिल को विभिन्न संस्थानों एवं अन्य संसाधनों से हर महीने 100 करोड़ रुपये की उगाही करने का लक्ष्य दिया।
परमबीर सिंह ने देशमुख पर ट्रांसफर/पोस्टिंग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने याचिका में कहा, “यह भी विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि 24-25 अगस्त, 2020 को राज्य खुफिया विभाग के इंटेलिजेंस कमिश्नर रश्मि शुक्ला ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को और फिर डीजीपी ने गृह मंत्रालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव को अनिल देशमुख की तरफ से ट्रांसफर-पोस्टिंग में भ्रष्टाचार किए जाने की जानकारी दी थी। ये जानकारियां टेलिफोन पर हुई बातचीत को रिकॉर्ड करके जुटाई गई थीं। इस पर अनिल देशमुख के खिलाफ कार्यवाही करने के बजाय उल्टे रश्मि शुक्ला को ही ठिकाने लगा दिया गया।”
-एजेंसियां

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