सीबीआई ने दाखिल की Hooda और मोतीलाल वोरा के खिलाफ चार्जशीट

एजेएल को प्लॉट दोबारा आवंटित करने के मामले में भूपेंद्र सिंह Hooda और एजेएल के अध्यक्ष मोतीलाल वोरा के खिलाफ चार्जशीट

नई दिल्‍ली। हरियाणा के पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेंद्र सिंह Hooda व कांगेस के पूर्व कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा के खिलाफ आज सीबीआई ने प्लॉट आवंटन केस में चार्जशीट दाखिल कर दी है।

प्राप्‍त समाचार के अनुसार नेशनल हेराल्ड के स्वामित्व वाली एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) को प्लॉट दोबारा आवंटित करने के मामले में सीबीआई ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह Hooda और एजेएल के अध्यक्ष मोतीलाल वोरा के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। आरोप पत्र आईपीसी की धारा 120बी, 420, 13(2) और 13(1) के तहत दाखिल किया गया है।

गौरतलब है कि भूपेंद्र सिंह Hooda पर आरोप है कि उन्होंने सीएम रहते हुए नेशनल हेराल्ड की सब्सिडी एसोसिएट्स जनरल लिमिटेड (एजेएल) कंपनी को 2005 में 1982 की दरों पर प्लॉट अलॉट करवाया। मामले में फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार के आरोप में हरियाणा विजिलेंस विभाग ने अप्रैल-2016 में मामला दर्ज किया था।

मामले में सीबीआई ने एआईसीसी के पूर्व कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा को भी पार्टी बनाया हुआ है। विजिलेंस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर सीबीआई भी जांच कर चुकी है। जांच पूरी करने के बाद राज्य सरकार से अभियोग की मंजूरी मांगी थी।

सरकार ने एडवोकेट जनरल से कानूनी राय लेने के बाद मामले को राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य की मंजूरी के लिए भेज दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया था और अभियोजन पेश करने की मंजूरी दे दी गई थी। ऐसे में अब हुड्डा को इस मामले में भी मुकदमे का सामना करना पड़ेगा।

राज्यपाल से मंजूरी लेना इसलिए जरूरी था, चूंकि बदले नियमों के तहत पूर्व सीएम के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए राज्यपाल की मंजूरी जरूरी है। बता दें कि इस मामले में सीबीआई ने उन अधिकारियों को दोषी नहीं पाया है, जिनके केस के साथ नाम जुड़े थे।

आरोप पत्र में लगाए गए ये आरोप
केंद्रीय एजेंसी ने एक विशेष अदालत में आरोपपत्र दायर किया। एजेंसी का आरोप है कि सी-17 नाम के जमीन के टुकड़े को दोबारा आवंटित करने की वजह से राजकोष को 67 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। एजेंसी ने हरियाणा के तात्कालीन मुख्यमंत्री हुड्डा (जो उस समय हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (हुडा) के अध्यक्ष भी थे) और एजेएल के अध्यक्ष वोरा और कंपनी पर भारतीय दंड संहिता की आपराधिक षडयंत्र से संबंधित धाराओं और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं।

आरोपपत्र में सीबीआई ने कहा है कि एजेएल को 1982 में पंचकूला में जमीन का एक टुकड़ा आवंटित किया गया था जिस पर 1992 तक कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। हुडा ने इसके बाद उस जमीन के टुकड़े को वापस अपने कब्जे में ले लिया। आरोपपत्र में कहा गया है कि दोबारा यही जमीन एजेएल को 2005 में उसी दर पर फिर दे दी गई। यह हुडा के अध्यक्ष हुड्डा द्वारा किया गया मानदंडों का उल्लंघन था। एजेएल पर कांग्रेस के नेताओं का कथित तौर पर नियंत्रण है, जिसमें गांधी परिवार भी शामिल है। यह एजेएल समूह नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र का प्रकाशन भी करता है।

यह है पूरा मामला?
24 अगस्त 1982 को पंचकूला सेक्टर-6 में 3360 वर्गमीटर का प्लॉट नंबर सी -17 तब के सीएम चौधरी भजनलाल ने अलॉट कराया। कंपनी को इस पर 6 माह में निर्माण शुरू करके दो साल में काम पूरा करना था। लेकिन, कंपनी 10 साल में भी ऐसा नहीं कर पाई। 30 अक्टूबर 1992 को हुडा ने अलॉटमेंट कैंसिल करके प्लॉट को रिज्यूम कर लिया।

26 जुलाई 1995 को मुख्य प्रशासक हुडा ने एस्टेट ऑफिसर के आदेश के खिलाफ कंपनी की अपील खारिज कर दी। 14 मार्च 1998 को कंपनी की ओर से आबिद हुसैन ने चेयरमैन हुडा को प्लॉट का अलॉटमेंट बहाली के लिए अपील की। 14 मई 2005 को चेयरमैन हुडा ने अफसरों को एजेएल कंपनी के प्लॉट अलॉटमेंट की बहाली की संभावनाएं तलाशने को कहा। लेकिन, कानून विभाग ने अलॉटमेंट बहाली के लिए साफ तौर पर इनकार कर दिया।

18 अगस्त 1995 को फ्रेश अलॉटमेंट के लिए आवेदन मांगे गए। इसमें एजेएल कंपनी को भी आवेदन करने की छूट दी गई। 28 अगस्त 2005 को हुड्डा ने एजेएल को ही 1982 की मूल दर पर प्लॉट अलॉट करने की फाइल पर साइन कर लिए। साथ ही कंपनी को 6 माह में निर्माण शुरू करके 1 साल में काम पूरा करने को भी कहा गया। सीए हुडा ने भी पुरानी रेट पर प्लॉट अलॉट करने के आदेश दिए।

एसोसिएटड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) के अखबार नेशनल हेराल्ड के लिए पंचकूला में नियमों के खिलाफ जमीन आवंटन का आरोप है। इस मामले में सतर्कता विभाग ने मई 2016 में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर केस दर्ज किया गया है। यह मामला हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) की शिकायत पर दर्ज हुआ है। चूंकि मुख्यमंत्री हुडा के पदेन अध्यक्ष होते हैं। यह गड़बड़ी हुड्डा के कार्यकाल में हुई, इसलिए उनके खिलाफ यह मामला दर्ज हुआ है। हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (हुडा) को करीब 62 लाख रुपए का नुकसान पहुंचाए जाने का आरोप है।

-एजेंसी

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