सीबीआई घूसकांड को जासूसी ने गरमाया, चार संदिग्ध हिरासत में

नई दिल्ली। सीबीआई में कथित घूसकांड के बाद अब जासूसी के आरोप ने मामले को और गरमा दिया है। छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा के घर के बाहर से गुरुवार सुबह चार संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया। इसके बाद सियासत तेज हो गई। विपक्षी दलों के नेता इसे सरकार द्वारा वर्मा की जासूसी कराने की कोशिश का आरोप लगा रहे हैं। उधर, गृह मंत्रालय के सूत्रों की ओर से मामले पर सफाई भी आई है।
‘IB यूनिट उच्च सुरक्षा वाले इलाकों में करती है गश्त’
जानकारी के मुताबिक जासूसी के आरोपों पर इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की यूनिटों को गश्त ड्यूटी पर तैनात किया जाता है और वे उच्च सुरक्षा वाले इलाके में रूटीन गश्त करती हैं। फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है। आपको बता दें कि गुरुवार सुबह चार संदिग्धों के पकड़े जाने के समय ऐसी रिपोर्ट थी कि उनके पास से आईबी के कार्ड मिले हैं। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ये असली आईबी अधिकारी हैं या नहीं।
कांग्रेस ने जासूसी का लगाया आरोप
कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर आरोप लगाया, ‘मोदी सरकार जबरन हटाए गए सीबीआई डायरेक्टर की IB के जरिए जासूसी करा रही है।’ गुरुवार को सीकर रैली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मामले को एक बार फिर राफेल डील से जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम ने चीफ जस्टिस और कमिटी से बिना पूछे सीबीआई डायरेक्टर को हटा दिया क्योंकि एजेंसी राफेल मामले की जांच करने जा रही थी।
उधर, जेडीयू ने भी चार लोगों के पकड़े जाने के मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। केसी त्यागी ने कहा कि अगर ये लोग आईबी के थे और जासूसी कर रहे थे तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने ट्वीट कर इस मामले में सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है।
वर्मा के निजी गार्डों ने पकड़ा
बताया जा रहा है कि आलोक वर्मा के निजी सुरक्षा गार्डों ने इन संदिग्धों को पकड़ा है। सूत्रों का कहना है कि अभी इन संदिग्धों की पहचान और इनके उद्देश्यों का पता नहीं चल पाया है लेकिन ये जनपथ पर वर्मा के आवास के बाहर जासूसी करते पकड़े गए। दिल्ली पुलिस और सीबीआई की टीमें इस मामले की जांच कर रही हैं।
DCP ने कहा, किसी को नहीं पकड़ा
हालांकि DCP (नई दिल्ली) मधुर वर्मा ने इस बात से साफ इंकार किया है कि पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि चार लोग वर्मा के जनपथ स्थित आवास के बाहर बुधवार रात से ही खड़े थे, पूछताछ के बाद उन्हें पुलिस अपने साथ ले गई।
आपको बता दें कि मंगलवार देर रात सरकार द्वारा जारी आदेश के बाद आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया गया। इसके साथ ही कई सीबीआई अधिकारियों का तबादला भी कर दिया गया है और एम नागेश्वर राव को एजेंसी का अंतरिम चीफ नियुक्त किया गया है।

IB अधिकारी जासूसी नहीं कर रहे थे: केन्द्र
इस मामले में खुफिया ब्यूरो (आईबी) ने कहा है कि उसके कर्मचारी राजधानी के अतिविशिष्ट क्षेत्र में नियमित गश्त पर थे और वह केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के पूर्व प्रमुख आलोक वर्मा की जासूसी नहीं कर रहे थे।
आईबी के चार कर्मचारियों को गुरुवार सुबह वर्मा के जनपथ स्थित आवास के बाहर से पकड़े जाने के बाद यह कहा जा रहा है कि वे छुट्टी पर भेजे गये सीबीआई निदेशक वर्मा की जासूसी कर रहे थे। गृह मंत्रालय का कहना है कि आईबी उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्रों में अपने कर्मचारियों को नियमित गश्त के लिए तैनात करती है क्योंकि इन क्षेत्रों में अनेक महत्वपूर्ण व्यक्तियों का निवास है। ये कर्मचारी नियमित गश्त पर थे और इन पर गलत आरोप लगाया जा रहा है कि वे वर्मा की जासूसी कर रहे थे।
सूत्रों का कहना है कि जनपथ पर वर्मा के आवास के निकट कुछ लोगों के असामान्य रूप से इक्कठा होने का पता लगाने के लिए ये कर्मचारी वहां रूके थे। इनके पास आईबी का परिचय पत्र था और यदि वे जासूसी के लिए जाते तो गुप्त रूप से जाते लेकिन ऐसा कुछ नहीं था। उनकी मौजूदगी को गलत रूप में पेश किया जा रहा है। वर्मा के आवास पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने इन कर्मचारियों को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया था।
-एजेंसियां

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