महिलाओं और पुरुषों में आत्महत्या के कारण अलग-अलग

भारत में आत्महत्या के मामलों में गिरावट आई है। साल 2010 के दौरान आत्महत्या के मामलों में काफी इजाफा हुआ था लेकिन उसके बाद यह लगातार कम हुआ है। हालांकि, साल 2015 के दौरान एक बार फिर आत्महत्या के मामलों में इजाफा देखा गया। नेशनल क्राइम रेकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने हाल ही में साल 2016 आंकड़े जारी किए हैं। रिपोर्ट में आत्‍महत्‍या के कारणों का भी जिक्र है। महिलाओं और पुरुषों में आत्महत्या के कारण अलग-अलग हैं।
आत्महत्या के दो सबसे बड़े कारण बीमारी और पारिवारिक समस्या हैं। इनके अलावा महिलाओं और पुरुषों में आत्महत्या के अलग-अलग कारण है। महिलाओं में खुदकुशी की सबसे बड़ी वजहें शादी, प्रेम-प्रसंग और परीक्षा में फेल होना पाया गया है। वहीं, पुरुषों में इसके बड़े कारण नशाखोरी, दिवालियापन और शादी में समस्याएं हैं।
साल 2016 में शादी में दिक्कत, बीमारी, संपत्ति विवाद और प्रेम-प्रसंग के कारण आत्महत्या के मामले बढ़े थे। हालांकि, उस साल परीक्षा में फेल होना, पैसों की कमी और बेरोजरागी और गरीबी के कारण आत्महत्या के कम मामले देखे गए थे। रिपोर्ट के अनुसार पुरुषों के खुदकुशी करने की संभावना महिलाओं के मुकाबले ज्यादा होती है। ज्यादातर लोगों ने फांसी लगाकर या फिर जहर खाकर अपनी जान दी है।
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बता दें कि भारत में आत्महत्या दर रूस, जापान फ्रांस, अमेरिका, जर्मनी और साउथ अफ्रीका के मुकाबले कम है। हालांकि, यह चीन, स्पेन, इंग्लैंड, इटली और ब्राजील के लिए WHO द्वारा तय किए गए मानक से अधिक है।
-एजेंसियां

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