करियर नियोजन पर जीएल बजाज में हुई कार्यशाला

मथुरा। देश में बढ़ती बेरोजगारी एवं युवाओं को सही करियर का चुनाव करने तथा भविष्य के लिए उन्हें सक्षम बनाने के उद्देश्य को लेकर जीएल बजाज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस मथुरा में करियर नियोजन पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रबंधन अध्ययन विभाग द्वारा आयोजित करियर नियोजन कार्यशाला में मुख्य वक्ता पीपुल एण्ड कल्चर, वन बिजनेस कंसल्टिंग ग्रुप के प्रमुख प्रो. प्रणय दत्त ने छात्र-छात्राओं से कहा कि करियर प्लानिंग से पहले स्वयं का आकलन जरूर करें। कार्यशाला का शुभारम्भ विद्या की आराध्य देवी मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया।

रिसोर्स परसन प्रो. प्रणय दत्त ने संस्थान के मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग के छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज के समय में हर व्यक्ति शिखर पर पहुंचना चाहता है। यह तभी सम्भव है जब हम अपने करियर की अच्छी तरह से प्लानिंग करते हुए उसी के अनुरूप आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि गलत करियर प्‍लानिंग के कारण बहुत से लोग अपने गोल को अचीव नहीं कर पाते। करियर प्‍लानिंग एक ऐसी व्यवस्थित प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति अपने लक्ष्य के लिए रास्ता बनाता है। प्रो. दत्त ने कहा कि शिक्षा पूरी करने के बाद लोग अपना करियर किसी संगठन, कम्पनी या अपने द्वारा चुने हुए किसी खास क्षेत्र में बनाते हैं। किसी संगठन के अंदर करियर प्लानिंग पर्सनल एडमिनिस्ट्रेशन का वह हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ऐसे रास्तों को विकसित करना है, जहां कर्मचारी समय के साथ संगठन में आगे बढ़ सके। किसी भी कम्पनी में करियर पथ प्रत्येक व्यक्ति के लिए डिजाइन नहीं किया जाता बल्कि जॉब करने वाले व्यक्ति को खुद की अपनी आवश्यकताओं, क्षमता, रुचि आदि के आधार पर अपना रास्‍ता बनाना पड़ता है।

रिसोर्स परसन ने कहा कि जॉब सिक्योरिटी, हर साल प्रमोशन और वेतन वृद्धि अब पुरानी बातें हो चुकी हैं। इकोनॉमी की कमजोरी के दौर में जॉब मार्केट में भी अनिश्चितता की स्थिति निर्मित हो गई है, ऐसे दौर में करियर की बेहतर प्‍लानिंग बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि करियर प्‍लानिंग करने से पहले खुद को समझना बहुत जरूरी है। इसलिए अपने लिए कुछ समय निकालें और उन सभी कामों की सूची बनाएं, जो आप करना चाहते हैं। जॉब हासिल करने के बाद भी स्वयं का आकलन बेहद जरूरी होता है, क्योंकि हर कम्पनी समय-समय पर अपने कर्मचारी के कामकाज की समीक्षा करती है। जिस संस्थान में आप कार्य कर रहे हैं, अगर वहां आप अगले 4-5 साल में लीडरशिप रोल में आना चाहते हैं तो इस पर फोकस करें। आप यह जानने की भी कोशिश करें कि जो व्यक्ति इस समय उस पोजीशन पर है उसका रिज्यूम कैसा दिखता है, क्या उसमें कोई ऐसी कुशलता है जिसे आपको सीखना चाहिए। लम्बी अवधि के लक्ष्य को पाने के लिए आपको कई फंक्शन में काम करना आना चाहिए।

प्रो. दत्त ने छात्र-छात्राओं से कहा कि उनके पास वह स्पार्क होना चाहिए जो उनका मार्गदर्शन करे और प्लेसमेंट के लिए तैयार रहने का निर्देश दे। उन्होंने बताया कि कैसे संगठन सक्रिय रूप से लगे लोगों के साथ व्यवहार करते हैं तथा उन्हें आगे बढ़ने में मदद करते हैं। अंत में संस्थान की निदेशक प्रो. (डॉ.) नीता अवस्थी ने रिसोर्स परसन प्रो. प्रणय दत्त का आभार मानते हुए छात्र-छात्राओं से कार्यशाला में मिले सुझावों पर अमल करने का आह्वान किया।
– Legend News

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