सभी नियमित यात्री ट्रेनों की 30 जून तक के लिए हुई बुकिंग रद्द

नई दिल्‍ली। रेलवे ने सभी नियमित यात्री ट्रेनों यानी पैसेंजर, मेल, एक्सप्रेस, सुपरफास्ट, शताब्दी, राजधानी वगैरह की 30 जून तक के लिए हुई टिकट बुकिंग को रद्द कर दिया है।
जिन यात्रियों के टिकट कैंसल हुए हैं उन्हें फुल रिफंड दिया जाएगा यानी एक रुपया भी नहीं कटेगा। हालांकि, इस दौरान प्रवासी श्रमिकों के लिए चलाई जा रहीं ट्रेनों के साथ-साथ स्पेशल ट्रेनें चलती रहेंगी। फिलहाल दिल्ली से 15 अलग-अलग शहरों के लिए स्पेशल एसी ट्रेन चल रही हैं।
रद्द किए गए टिकट लॉकडाउन से पहले हुए थे बुक
रद्द किए गए टिकटों की बुकिंग लॉकडाउन से पहले हुई थी। उस वक्त रेलवे जून के लिए टिकटों की बुकिंग कर रहा था। जब से ट्रेनों का नियमित संचालन बंद हुआ है तबसे रेलवे लाखों यात्रियों के टिकट का फुल रिफंड दे चुका है और कई के रिफंड दिए जाने बाकी हैं। न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पिछले महीने तक रेलवे ने यात्रियों को करीब 94 लाख टिकटों के बदले करीब 1500 करोड़ रुपये का रिफंड दिया था।
न हो कन्फ्यूज, स्पेशल ट्रेनों की बुकिंग होती रहेगी
इसी हफ्ते मंगलवार से दिल्ली से देश के 15 अलग-अलग शहरों के लिए स्पेशल एसी ट्रेनें चल रही है। ये ट्रेनें यात्रियों के साथ दिल्ली से संबंधित शहर और फिर वहां से वापस दिल्ली आ रही हैं। अब तक 2.34 लाख यात्रियों ने इन स्पेशल ट्रेनों में बुकिंग कराई है जिससे रेलवे को 45.3 करोड़ रुपये की आय हुई है। रेलवे अब इन स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रहा है। जल्द ही स्लीपर कोचों को भी इजाजत दी जाएगी। शुक्रवार से इन स्पेशल ट्रेनों के लिए वेटिंग टिकट भी मिलने लगेंगे हालांकि चार्ट बनने तक टिकट कंन्फर्म नहीं होने पर यात्री को सफर की इजाजत नहीं होगी।
प्रवासी मजदूरों, छात्रों, पर्यटकों के लिए चलती रहेगी श्रमिक स्पेशल
स्पेशल ट्रेनों के अलावा रेलवे लॉकडाउन के दौरान देश में जगह-जगह फंसे प्रवासी मजदूरों, छात्रों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को लाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चला रहा है। श्रमिक स्पेशल ट्रेनें 1 मई से ही चल रही हैं। ये ट्रेनें भी चलती रहेंगी। इसके लिए टिकट बुकिंग नहीं हो रही है। रेलवे सीधे संबंधित राज्यों को टिकट मुहैया करा रहा है जहां से प्रवासी मजदूर अपने घर जाना चाहते हैं।
यात्रियों के पते का रिकॉर्ड रख रहा रेलवे
रेलवे ने आईआरसीटीसी वेबसाइट पर टिकट बुक कराने वाले सभी यात्रियों के डेस्टिनेशन के पतों का रिकॉर्ड रखना शुरू कर दिया है, ताकि यदि बाद में उनमें कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होती है तो उनके संपर्क में आए लोगों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर गंतव्य स्थल (जहां यात्री को पहुंचना है) के पते को शामिल करने की व्यवस्था 13 मई से शुरू की जा चुकी है। अभी तक टिकट बुकिंग में यात्री को सिर्फ उस जगह का पता देना पड़ता था जहां वह फिलहाल रह हा है न कि वहां का पता जहां उसे जाना है।
-एजेंसियां

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