मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने को कैबिनेट ने दी PLI स्कीम को मंजूरी

नई द‍िल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सोलर पीवी मॉड्यूल और व्हाइट गुड्स के लिए PLI स्कीम को मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार ने देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए PLI स्कीम की शुरुआत की है, इसके जरिए कंपनियों को भारत में अपनी यूनिट लगाने और एक्सपोर्ट करने पर विशेष रियायत के साथ-साथ वित्तीय सहायता भी दी जाती है।

रोजमर्रा की लाइफ में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को व्हाइट गुड्स कहते हैं। इनमें फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एयर कंडीशनर और बिजली के घरेलू उपकरण शामिल है।

क्या है सरकार का नया फैसला
कैबिनेट बैठक के बाद कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि देश में सोलर इक्विपमेंट की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला किया है। इससे PLI स्कीम के तहत लाया गया है। मैन्युफैक्चरिंग करने वाली कंपनियों को 4500 करोड़ रुपये इनसेंटिव के तौर पर देगी।

पीयूष गोयल ने बताया कि इस फैसले से नई नौकरियां मिलेंगी। साथ ही, बिजली की कीमतें भी कंट्रोल में रहेंगी। सीधे तौर पर करीब 32 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं, इनडायरेक्ट तौर पर करीब 1 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

एयर कंडीशनर -फ्रिज को लेकर बड़ा फैसला
व्हाइट गुड्स को लेकर भी केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है। मोदी सरकार ने व्हाइट गुड्स जैसे एसी (एयर कंडीशनर) फ्रिज, वॉशिंग मशीन की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई स्कीम का ऐलान किया है।

पीयूष गोयल ने बाताया कि एक समय भारत में एयर कंडीशनर बना करते थे लेकिन धीरे-धीरे विदेशी कंपनियों ने इसमें अपनी पैठ बना ली। अब हालात ये है कि देश में 70-80 फीसदी एयर कंडीशनर विदेशों से आते हैं। इसीलिए सरकार ने इसके लिए पीएलआई स्कीम का ऐलान किया है।

उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे देश की समृद्धि बढ़ रही है. वैसे-वैसे एसी की डिमांड भी बढ़ रही है, इसका सीएजीआर (Compound Annual Growth Rate) 15-20 फीसदी है।

क्या है सरकार की तैयारी
अगले पांच साल में देश में प्रोडक्शन करने वाली कंपनियों को 1.46 लाख करोड़ रुपये का इंसेंटिव देगी। इससे देश में प्रोडक्ट बनने से भारत का इंपोर्ट पर खर्च घट जाएगा। देश में जब सामान बनेगा तो रोजगार के भी नए अवसर तैयार होंगे।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस स्कीम के तहत विदेशी कंपनियों को भारत में फैक्ट्री लगाने के साथ-साथ घरेलू कंपनियों को प्लांट लगाने में मदद मिलेगी। यह योजना 5 साल के ​लिए है।

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इकोनॉमी का पहिया तेज घुमाने सरकार मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देना चाहती है। इसी की तहत पीएलआई स्कीम को बढ़ावा दिया जा रहा है। मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार की संभावना ज्यादा है इसलिए पीएलआई स्कीम पर सरकार का पूरा जोर है।
– एजेंसी

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