CAA-NRC: कमलनाथ ने विरोध में और भाजपा ने समर्थन में रैली की

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और NRC को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच रार तेज है। दोनों एक-दूसरे के खिलाफ रैली निकाल रहे हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कानून के विरोध में शांति यात्रा निकाली तो मुंबई में बीजेपी इसके समर्थन में रैली कर रही है। भोपाल के रंगमहल चौराहे से बड़ी संख्या में कांग्रेस के समर्थकों कमलनाथ के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया।
बता दें कि कमलनाथ पहले ही इस कानून का विरोध कर चुके हैं और उन्होंने घोषणा की है वह प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून लागू नहीं होने देंगे। इसी के विरोध में कांग्रेस संविधान बचाओ न्याय शांति यात्रा का आयोजन कर रही है। यह पैदल मार्च रंगमहल चौराहे से शुरू होकर मिंटो हॉल में गांधी प्रतिमा के सामने समाप्त हुआ। यात्रा में हजारों की संख्या में कांग्रेस समर्थक गांधी टोपी पहने और हाथों में तिरंगा लेकर चल रहे हैं।
कठिन दौर से गुजर रहा है देश: कमलनाथ
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, ‘कानून में किसी ने भी हस्ताक्षर किए हों लेकिन ऐसा कोई कानून जो जनविरोधी वह मध्य प्रदेश में लागू नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘एनपीआर के समर्थन में तो हम भी थे लेकिन एनआरसी को जोड़ा जा रहा है इससे इनकी नीयत पता चलती है।’ कमलनाथ ने आगे कहा, ‘ मध्य प्रदेश भारत का दिल है इसलिए हम शांति यात्रा के जरिए पूरे देश में संदेश देना चाहते हैं कि इस कानून के जरिए कैसे देश को खतरे में डाला जा रहा है। मध्य प्रदेश सरकार इसे ठुकराती है। हम भारत के संविधान और संस्कृति का सम्मान करते हुए इस कानून का पालन नहीं करेंगे।’ उन्होंने कहा कि देश आज कठिन दौर से गुजर रहा है। यह भारतीयों का परम कर्तव्य है कि संविधान की रक्षा की जाए और संविधान बचाने के लिए सभी इस कानून का विरोध करें।

मुंबई मे बीजेपी ने नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में रैली निकाली
मुंबई मे बीजेपी ने नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में रैली निकाली

मुंबई में समर्थन रैली
दूसरी ओर मुंबई में बीजेपी ने नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में रैली निकाली है। इसमें भारी संख्या में समर्थकों ने विशाल तिरंगा यात्रा निकालकर कानून का समर्थन किया है। इससे पहले नागपुर में भी नागरिकता कानून के समर्थन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भारतीय जनता पार्टी और लोक अधिकार मंच के कार्यकर्ताओं ने एक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली थी।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *