CAA impact: राजस्थान में पाक विस्थापितों को ज़मीन देगी गहलौत सरकार

जयपुर। देश में CAA लागू होने के बाद CAA impact द‍िखने भी लगा है खासकर राजनीत‍ि में , एक ओर तो कांग्रेस बवाल क‍िए हुए है तो दूसरी ओर इसका श्रेय लेने को राजस्थान की गहलौत सरकार लालाय‍ित है। राजस्थान की Gehlot सरकार पाकिस्तानी विस्थापितों को 50 फीसद रियायती दरों पर भूखंड आवंटित करेगी।

राजस्थान सरकार की ओर से कहा गया है क‍ि जिला मुख्यालयों एवं कस्बों में ये भूखंड आवंटित किए जाएंगे। इसके अलावा अन्य सरकारी सुविधाओं में भी पाकिस्तानी विस्थापितों को प्राथमिकता देने पर विचार किया जा रहा है। पाक विस्थापितों को रियायती दर पर भूखंड देने की पहल सबसे पहले जयपुर में की गई।

जयपुर विकास प्राधिकरण ने शहर में रह रहे 100 पाक विस्थापितों को आवंटन पत्र जारी किए। ये भूखंड शहर के जोन नंबर नौ की खूसर विस्तार योजना में आवंटित किए गए। जयपुर विकास प्राधिकरण आयुक्त टी रविकांत ने आधा दर्जन विस्थापितों को अपने हाथ से आवंटन पत्र सौंपे शेष को अन्य अधिकारियों ने दिए।

जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने सभी नगर सुधार न्यासों, नगर परिषदों एवं नगर पालिकाओं को पाक विस्थापितों को भूखंड आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा है। ये भूखंड उन लोगों को मिलेंगे, जिन्होंने भारतीय नागरिकता हासिल कर ली है।

उधर, पाक विस्थापितों के लिए काम कर रहे सीमांत लोक संगठन के अध्यक्ष हिंदू सिंह सोढ़ा का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार को पाकिस्थान से प्रताड़ित होकर आए लोगों के लिए रोजगार का प्रबंध भी करना चाहिए। इसके साथ ही नागरिकता देने की प्रक्रिया भी तेज होनी चाहिए।

वहां खुलेआम होता था हिंदुओं की बहन-बेटियों के साथ अत्याचार

पाकिस्तान स्थित स‍िंध प्रांत के मीरपुर खास से जोधपुर आकर बसे अमरो कोली का कहना है कि वहां खुलेआम हिंदुओं की बहन-बेटियों के साथ अत्याचार होता था। धार्मिक आधार पर प्रताड़ना दी जाती थी। 2004 में डॉ. नूरजी भील माता-पिता और पत्नी के साथ भारत आए और जोधपुर के डाली बाई मंदिर क्षेत्र में रहने लगे। बंटवारे से पहले उनका परिवार जैसलमेर में रहता था, लेकिन बाद में सिंध में जाकर बस गया। वहां विपरीत परिस्थितियों में पढ़ाई कर डॉक्टर बने, फिर भारत आए। यहां एक निजी अस्पताल में प्रैक्टिस करने पर एफआइआर दर्ज हो गई। उनके माता-पिता और पत्नी को नागरिकता मिल चुकी है, लेकिन उन्हें और दो बच्चों को नहीं मिली थी। अब नागरिकता संशोधन बिल पास होने के बाद भारतीय नागरिकता मिलने की उम्मीद जगी है।

– एजेंसी

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