बुलियन कारोबारी नीरज के पुत्र ने भी अस्‍पताल में दम तोड़ा

मथुरा। बुलियन कारोबारी नीरज अग्रवाल के बेटे शौर्य ने भी बीती रात करीब एक बजे दिल्‍ली के इन्द्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में दम तोड़ दिया।
शौर्य की मौत से नीरज के परिवार की मौत का रहस्‍य खुलने की उम्मीद काफी धुंधली हो चुकी है क्‍योंकि चश्‍मदीद के रूप में पुलिस के पास एकमात्र वही उम्‍मीद शेष थी।
10 वर्षीय शौर्य की जिंदगी के लिए लोग ईश्‍वर से प्रार्थना कर रहे थे किंतु ईश्‍वर को शायद कुछ और ही मंजूर रहा होगा।
गौरतलब है कि गऊ घाट क्षेत्र के मूल निवासी मशहूर बुलियन कारोबारी नीरज अग्रवाल सहित उनकी पत्‍नी और बेटी की लाशें नए साल के पहले दिन एक कार के अंदर यमुना एक्‍सप्रेस के अंडरपास से मिली थीं।
पुलिस के मुताबिक थाना यमुनापार में यमुना एक्‍सप्रेस वे पर झज्‍जर अंडरपास के समीप उसे बंद गाड़ी के अंदर एक परिवार के मृत पड़े होने की सूचना मिली।
इस सूचना पर पहुंची पुलिस को गाड़ी में चार लोग दिखाई दिए। मथुरा नंबर की इस गाड़ी का शीशा तोड़कर देखा गया तो पता लगा कि उसके अंदर मौजूद चार लोगों में से तीन की मौत हो चुकी है जबकि एक लड़के की सांस चल रही थी। पुलिस ने तत्‍काल उसे एक निजी अस्‍पताल भिजवाया लेकिन हालात गंभीर होने के कारण उसे दिल्‍ली रैफर कर दिया गया है।
मृतकों की पहचान 40 वर्षीय नीरज अग्रवाल, उनकी पत्‍नी 35 वर्षीय नेहा तथा 6 वर्षीय बेटी धन्‍या के रूप में हुई। गंभीर रूप से घायल 10 वर्षीय बच्‍चा शौर्य भी नीरज व नेहा का बेटा है।
पुलिस के मुताबिक नीरज के हाथ से रिवाल्‍वर और गाड़ी के अंदर से एक पर्चा (नोट) भी मिला था, जिन्‍हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए एसपी सिटी ने बताया था कि चारों लोगों के गोली लगी है।
आरएस बुलियन नामक फर्म का स्‍वामी नीरज अग्रवाल नोटबंदी के दौरान करीब सवा सौ करोड़ रुपए की हेरा-फेरी करने के मामले में आरोपी था और इस संबंध में विगत माह उसके व्‍यापारिक प्रतिष्‍ठानों एवं घरों पर इनकम टैक्‍स का छापा भी पड़ा था।
सवा सौ करोड़ का बड़ा हेरफेर होने की वजह से प्रवर्तन निदेशालय से भी इसकी जांच चल रही है।
बताया जाता है कि कानून के शिकंजे में बुरी तरह घिर चुका नीरज अग्रवाल कुछ समय से दिल्‍ली रहने लगा था।
इस संबंध में एक जानकारी यह भी है कि नोटबंदी के दौरान हेराफेरी किए जाने की शिकायतों और उसके बाद उत्‍पन्‍न हुई स्‍थितियों से नीरज अग्रवाल की अपने ही कुछ नजदीकी लोगों से रंजिश चल रही थी। कुछ लोग नीरज पर चल रहे मामलों को लेकर उसे काफी समय से ब्‍लैकमेल भी कर रहे थे।
बताया तो यह भी जा रहा है कि नीरज से इन लोगों ने मोटी रकम वसूल कर भी उसका पीछा नहीं छोड़ा जिस वजह से वह काफी तनाव में रह रहा था। नीरज के परिजनों ने संभवत: इसीलिए इस पूरे मामले को सुनियोजित हत्‍याकांड बताते हुए उसी दिन चार लोगों के खिलाफ हत्‍या का मुकद्दमा दर्ज करा दिया। उनके अनुसार नीरज को बर्बाद करने पर तुले कुछ लोगों ने इस हत्‍याकांड को एक साजिश तरीके से अंजाम दिया।
नीरज के परिजनों से ठीक उलट पुलिस इन चारों की मौत को आत्‍महत्‍या मानकर चल रही है। पुलिस का दावा है कि मौके पर हत्‍या किए जाने के कोई सबूत नहीं मिले। परिस्‍तिथिजन्‍य साक्ष्‍य पूरी तरह यह बता रहे थे कि नीरज ने पत्‍नी व बच्‍चों को गोली मारकर आत्‍महत्‍या कर ली।
हालांकि परिजनों द्वारा नामजद एफआईआर कराने की वजह से वह आरोपियों की लोकेशन, उनकी मौजूदगी संबंधी सीसीटीवी फुटेज आदि कलेक्‍ट कर रही थी परंतु उसका कथन यही था कि इसमें किसी अन्‍य का कोई हाथ नहीं है।
दूसरी ओर नीरज के ससुरालीजन और परिजनों का कहना है कि नीरज के पूरे परिवार की हत्‍या की गई है। नीरज परेशान जरूर था किंतु वह पूरे परिवार को मारकर आत्‍महत्‍या करने जैसा कदम नहीं उठा सकता।
सच्‍चाई जो भी हो लेकिन फिलहाल शौर्य की मौत ने न सिर्फ पुलिस बल्‍कि नीरज के परिवार सहित आरोपियों के सामने भी मुश्‍किल खड़ी कर दी है।
-Legend News

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