ब्रिटेन ने किया चीन के राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानून का विरोध, चेतावनी दी

लंदन। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने चीन के राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानून की निंदा करते हुए कहा है कि यह 1984 के समझौते का उल्‍लंघन होगा। इससे चीन अपने अंतर्राष्‍ट्रीय दायित्‍वों से भी पीछे हटेगा और उसकी छवि धूमिल होगी। उन्‍होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर चीन का यह कानून अमल में आया तो ब्रिटने मौन नहीं रहेगा। उन्‍होंने जोर देकर कहा कि इससे चीन की प्रतिष्‍ठा बर्बाद होगी और इसका एशिया की अर्थव्‍यस्‍था पर प्रतिकूल असर पड़गा।
संयुक्‍त राष्‍ट्र के साथ कानूनी रूप से बाध्‍यकारी संधि का उल्‍लंघन
उन्‍होंने कहा कि यह संयुक्‍त राष्‍ट्र के साथ कानूनी रूप से बाध्‍यकारी संधि है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर चीन इस दिशा में आगे बढ़ता है तो उसका संयुक्‍त राष्‍ट्र की घोषणा पत्र के साथ गतिरोध उत्‍पन्‍न होगा।
बता दें कि चीन की संसद ने पिछले हफ्ते राजद्रोह, अलगाव, आतंकवाद और विदेशी हस्‍तक्षेप को रोकने के लिए हांगकांग के लिए कानून बनाने के एक फैसले को मंजूरी दी है। इस कानून के तहत हांगकांग मे चीन की सुरक्षा और खुफ‍िया एजेंटों के प्रवेश को बिना किसी अवरोध के अनुमति मिल जाएगी। पिछले वर्ष हांगकांग में लोकतंत्र विरोधी प्रदर्शनों के कई महीने बाद चीन ने यह कदम उठाया है। 1997 में हांगकांग ब्रिटिश उपनिवेश से चीन को हस्‍तांरित हुआ। जॉनसन ने कहा कि हांगकांग आज सबसे बड़े संकट में है।
हांगकांग के लोगों को एक विकल्प प्रदान करेगा ब्रिटेन
जॉनसन ने कहा कि हांगकांग के बहुत से लोगों को डर है कि उनका जीवन यापन करने का तरीका चीन के लिए खतरा बना हुआ है। अगर चीन अपने डर को सही ठहराने के लिए आगे बढ़ता है तो ब्रिटेन अपने दायित्वों का निर्वहन करेगा और हांगकांग के लोगों को एक विकल्प प्रदान करेगा। जॉनसन ने ब्रिटेन में हांगकांग में ब्रिटिश नेशनल ओवरसीज पासपोर्ट-धारकों को ब्रिटिश नागरिकता का रास्ता देने की शपथ को दोहराया है। इससे उन्हें यूनाइटेड किंगडम में बसने की अनुमति मिली। जॉनसन ने कहा कि हांगकांग में बीएनओ पासपोर्ट के लगभग 350,000 धारक हैं और अन्य 25 लाख पात्र हैं।
-एजेंसियां

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