अजय ठाकर बने फिल्म विकास नीति के राष्ट्रीय सलाहकार

मथुरा। जन मानस सेवा संस्थान के संस्थापक पारितोष सेठ एवं आशीष रस्तोगी ने मथुरा के अभिनेता अजय ठाकर को फिल्म उद्योग एवं फिल्म विकास नीति का राष्ट्रीय सलाहकार नियुक्त किया है।

अजय ठाकर के पीआरओ किशोर स्वर्ण ने बताया कि टीवी सिरियल चंद्रकांत, अफसर बिटिया, कहीं देर न हो जाए, रफ्तार ज़िन्दगी की, बंधन कच्चे धागों का, अर्धांगनी, हवस, लापतागंज, धरती कहे पुकार के, साथिया, सावधान इंडिया, क्राइम पेट्रोल, वाह वाह क्या बात है, संकटमोचन हनुमान आदि में अपनी प्रतिभा का जलवा बिखरने वाले अजय ठाकर को उनके द्वारा फिल्म जगत को दिए योगदान को देखते हुए जन मानस सेवा संस्थान ने फिल्म उद्योग एवं फिल्म विकास नीति का राष्ट्रीय सलाहकार मनोनीत किया है।

किशोर स्वर्ण ने बताया कि कोरोना महामारी का असर फिल्म जगत पर भी पड़ा है, ऐसे में जूनियर कलाकारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, इसी बीच कुछ कलाकारों की ऐसी खबरें आई जो विचलित करने वाली थी, ऐसे में फिल्म जगत में काम करने वाले डारेक्टर, राइटर, टेकनीशियन आदि जूनियर कलाकारों के विकास और उनकी सहायता के लिए अजय ठाकर को चुना गया है।

मथुरा में जन्में 29 वर्षीय अजय ठाकर के पिता स्वर्गीय सूरजपाल सिंह रेलवे में नौकरी करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति ज्यादा खास नही थी, सो मां भगवानी ठाकर भी एक आर्मी स्कूल में नौकरी करती थी, जिनके साथ निरंकारी सत्संग जरूर जाता था, जहां बाल संगत में भक्ति गीत गाता तो कभी किशोर स्वर्ण के नेतृत्व में छोटे-छोटे प्रेरक नाटक में भागीदारी करता था और देखते ही देखते कदम जब चल पड़े मायानगरी मुम्बई की ओर जहां निरंकारी बाबा जी के आशीर्वाद से अजय ठाकर एक्टर भी बन गया।

जिसने कभी पारलेजी बिस्किट खाकर दिन गुजारे थे वह अब एक फिल्म बनाने जा रहे है। अजय ठाकर ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि वॉलीवुड में किस्मत आजमाने के दौरान जब भी कहीं मिलने जाना होता था तो पैदल ही निकल जाता था चाहे वो जगह कितनी भी दूर क्यों न हो मगर कभी ऐसा नही हुआ कि मैं पैदल चलकर मंजिल तक पहुंचा न हूं। चाहे पारलेजी बिस्किट खाकर और पानी पीकर ही दिन क्यों न गुजारे हो, लेकिन कभी हार नहीं मानी, क्योंकि सद्गुरु का आशीर्वाद हर समय मेरे साथ था, निराकार-प्रभु ने किसी न किसी रूप में हमेशा मेरी सहयता की कभी दोस्त बन के तो कभी कुछ और रूप में, निरकार-प्रभु ने हमेशा मेरा सहयोग किया।

उन्होंने बताया कि उन्हें सन 2006 से छोटे-छोटे रोल मिलना शुरू हुए और फिर टीवी सिरियल्स में अभिनय के विविध किरदार निभाने के मौके मिलते चले गए। उन्होंने काऊ कॉमेडी चैनेल के लिए जैक एंड जिल नामक शो का भी लेखन किया, वहीं सब टीवी के लिए “गधे का स्टाइल” नामक वीडियो एल्बम क्रिएटिव के रूप में कोरियोग्राफर श्री अहमद खान व डायरेक्टर हितेन के साथ किया, साथ ही लव इन जंगल, तेरी फितरत, दाल में कुछ काला है , DNA में ग़ांधी जी, जैसी फिल्मों में भी किरदार निभाया है।

बेस्ट एक्टर राइजिंग स्टार अवार्ड हासिल कर चुके अजय ठाकर के कुछ नाटक व फिल्में जल्द आने वाली है जिसका कुछ कुछ कार्य व शूटिंग अधूरी है। अजय को आशा है कि जल्द लॉकडाउन-अनलॉक खत्म होते ही वह प्रोजेक्ट भी दुबारा शुरू होकर, आपको देखने को मिलेंगे। अजय अपने प्रोडक्शन अजय ठाकर प्रोडक्शन के अंतर्गत सच्ची घटनाओं पर आधारित एक वेब सीरिज शुरू करने वाले है, जिसकी शूटिंग बहुत जल्द मथुरा आदि शहरों में होगी, जिसमें स्थानीय कलाकारों को भी अभिनय का मौका मिलेगा

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