आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से झटका, वकीलों ने याचिका ली वापस

जोधपुर। जोधपुर की सेंट्रल जेल यौन शोषण मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से मंगलवार को झटका लगा है। सजा स्थगित करने की आसाराम की याचिका पर हाईकोर्ट के कड़े रूख से घबरा कर आसाराम के वकीलों ने अपनी याचिका ही वापस ले ली। इस मामले में दो सह आरोपियों की सजा को हाईकोर्ट पूर्व में स्थगित कर चुका है।
उल्लेखनीय है कि आसाराम पांच साल से भी ज्यादा समय से जोधपुर सेन्ट्रल जेल में बंद है। गत वर्ष 25 अप्रेल को एससी-एसटी कोर्ट जज मधुसुदन शर्मा ने आसाराम को जीवन की अंतिम सांस तक जेल में रखने की सजा सुनाई थी। उसके बाद से आसाराम जेल से बाहर आने की कोशिश में है।
नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले में आजीव कारावास की सजा भुगत रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से मंगलवार को जोरदार झटका लगा है। सजा स्थगित करने की आसाराम की याचिका पर हाईकोर्ट के कड़े रुख से घबरा कर आसाराम के वकीलों ने अपनी याचिका ही वापस ले ली। इस मामले में दो सह आरोपियों की सजा को हाईकोर्ट पूर्व में स्थगित कर चुका है। दो सह आरोपियों शरदचन्द्र व शिल्पी की सजा स्थगित होने के बाद हाईकोर्ट से राहत की उम्मीद में आसाराम ने पूरी तैयारी के साथ अपनी सजा स्थगन की याचिका दायर की।
हाईकोर्ट में आज न्यायाधीश संदीप मेहता व न्यायाधीश वीरेन्द्र कुमार माथुर की खंडपीठ के समक्ष आसाराम की याचिका पर सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई शुरू होते ही खंडपीठ ने आसाराम के प्रति सख्त रुख अपनाया। ऐसे में आसाराम के वकील प्रदीप चौधरी ने याचिका खारिज होने के भय से बहस किए बगैर इसे वापस ले लिया। अब हाईकोर्ट में आसाराम की एक याचिका लंबित है।
आसाराम ने अपनी सजा को हाईकोर्ट में चुनौती दे रखी है। इस पर चार सप्ताह पश्चात हाईकोर्ट सुनवाई करेगा। इससे पूर्व फरवरी में अपनी पत्नी की बीमारी के नाम पर आसाराम ने अंतरिम जमानत याचिका दायर की थी। जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। इससे पहले आसाराम पैरोल पर कुछ दिन के लिए जेल से बाहर आने का प्रयास कर चुका है, लेकिन उसे पैरोल भी नहीं मिली।
-एजेंसियां

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