घटनास्थल से कुछ मीटर की दूरी पर मिला हेलिकॉप्टर का ब्लैक बॉक्स

तमिलनाडु में बुधवार को जहां पर सीडीएस बिपिन रावत का हेलिकॉप्टर क्रैश हुआ। वहां पर ब्लैक बॉक्स की तलाश चल रही थी। इसके लिए अधिकारियों की टीम वहां लगी थी। जांच का दायरा बढ़ाया गया था।
क्या होता है ब्लैक बॉक्स, कैसे पता चलती है क्रैश की जानकारी?
ब्लैक बॉक्स में वॉयस रेकॉर्डर होता है जिसमें सारी बातें रेकॉर्ड होती हैं। पायलट लगातार कंट्रोल रूम के संपर्क में होता है। जो भी बातें होती हैं वह ब्लैक बॉक्स में रेकॉर्ड होती हैं। हादसे से पहले क्या बात हुई, क्या पायलट ने बताया यह सब पता चल पाता है।
गुरुवार को सेना के अधिकारियों को जांच में सफलता मिली दुर्घटनाग्रस्त हुए भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर का फ्लाइट रेकॉर्डर यानी ‘ब्लैक बॉक्स’ बरामद हो गया है। ब्लैक बॉक्स घटनास्थल से कुछ मीटर की दूरी पर मिला है। अंदाजा है कि दुर्घटना के बाद यह ब्लैक बॉक्स छिटकर दूर जा गिरा होगा।
एक किलोमीटर तक हो रही थी खोज
पुलिस सूत्रों ने बताया कि रक्षा अधिकारियों ने ब्लैक बॉक्स की तलाश का दायरा दुर्घटनास्थल से 300 मीटर दूर से बढ़ाकर एक किलोमीटर दूर तक किया। गुरुवार को बॉक्स मिल गया।
मिलेंगी ये अहम जानकारियां
ब्लैक बॉक्स से पर्वतीय क्षेत्र में हुए इस हादसे के पहले के घटनाक्रम संबंधी अहम जानकारी मिलेगी। एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टर के बुधवार को दुर्घटनाग्रस्त होने और आग लगने से उसमें सवार 63 वर्षीय रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य की मौत हो गयी। हादसे में केवल एक व्यक्ति ही जीवित बचा है।
-एजेंसियां

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