भाजपा की अपील, राहुल गांधी के खिलाफ संज्ञान ले NCPCR

नई दिल्‍ली। दिल्ली के नांगल गांव में नौ वर्ष की मासूम बच्ची की कथित रेप के बाद हत्या की घटना पर राजनीति गरमाने लगी है। पीड़ित परिवार से नेताओं की मुलकात के बीच बीजेपी ने दलितों पर राजनीति को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए।
पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने खासकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर निचले दर्जे की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए पूछा कि कांग्रेस शासित प्रदेशों में दलित बेटियों के साथ अत्याचार पर वो चुप क्यों हो जाते हैं?
पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा कि राहुल गांधी ने मृतक बच्ची के माता-पिता पहचान सार्वजनिक कर कानूनी प्रावधानों का घोर उल्लंघन किया है जिसके लिए उनपर कार्यवाही होनी चाहिए। बीजेपी प्रवक्ता ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग NCPCR से मामले में संज्ञान लेने की अपील की।
क्यों भिड़ी बीजेपी-कांग्रेस?
दिल्ली के ओल्ड नांगल गांव में रह रहे राजस्थान में भरतपुर के दलित परिवार की बेटी 1 अगस्त की शाम 5.30 बजे बगल के श्मशान से पानी लेने गई थी, जहां उसकी संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि मासूम की बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई और शव को जल्दबाजी में जला दिया गया। परिजनों ने दिल्ली पुलिस पर मामले को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया तो इलाके के लोग आक्रोशित हो उठे और प्रदर्शन करने। मामला गरमाता देख पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और फिर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पीड़ित परिवार से मिलने नांगल गांव पहुंच गए। इससे पहले राहुल ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा था कि दलित परिवार की बेटी भी हिंदुस्तान की बेटी है।
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने इसी ट्वीट पर आक्रोश प्रकट करते हुए राहुल पर दलितों के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को दलितों की चिंता होती तो वो कांग्रेस शासित राज्यों में दलितों पर हो रहे जुल्म पर चुप नहीं बैठते। पात्रा ने कहा, ‘राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि दलित की बेटी भी हिंदुस्तान की बेटी है। इसमें कोई दो राय नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि क्या राजस्थान की दलित की बेटी हिंदुस्तान की बेटी नहीं है?
उन्होंने सवाल को आगे बढ़ाते हुए पूछा, ‘क्या छत्तीसगढ़ की दलित की बेटी हिंदुस्तान की बेटी नहीं है?
पंजाब में होशियापुर के टांडा गांव की बेटी दलित की बेटी हिंदुस्तान की बेटी नहीं है जिसके साथ जघन्य अपराध हुआ था?
क्या हम हिंदुस्तान को भी सरकार और राजनीति के हिसाब बांटकर दलितों की राजनीति आगे बढ़ाएंगे?’
उन्होंने आगे कहा कि बलात्कार की घटनाओं में यदि राजनीति करने की कोशिश की जाए तो यह राजनीति का सबसे निचला स्तर होता है। किसी राज्य के रेप की घटना पर चिंता प्रकट करना और किसी राज्य की घटना पर चुप्पी ठान लेना, यह देखते हुए कि किस राज्य में किसकी सरकार है, यह भी अपने आप में एक जघन्य अपराध है। उन्होंने कहा कि ‘रेप, रेप होता है। चाहे वो दिल्ली में हो, चाहे वो राजस्थान में हो, चाहे वो छत्तीसगढ़ में हो, चाहे वो महाराष्ट्र में हो।’
राजस्थान, छत्तीसगढ़, पंजाब में रेप की घटनाओं का हवाला
बीजेपी प्रवक्ता ने राष्ट्रीय अपराध रेकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राजस्थान बलात्कार के मामले में देश के राज्यों में टॉप पर है। उन्होंने दावा किया कि पिछले छह महीनों में वहां बलात्कार के मामले 30% बढ़ गए और कोरोना काल की बात करें तो राजस्थान में बलात्कार की घटनाएं 38% बढ़ गईं। उन्होंने कहा कि पिछले सत्र में गहलोत सरकार ने विधानसभा में जवाब दिया था कि दलित महिलाएं रेप के झूठे मुकदमे दर्ज करवाती हैं इसलिए एनसीआरबी के आंकड़ों में इजाफा हुआ है।
बीजेपी प्रवक्ता ने नागौर रेप केस की खबर का हवाला दिया। उन्होंने पूछा कि ‘क्या राहुल गांधी उनके घर गए, क्या उन्होंने ट्वीट किया, क्या एक बार भी दुख जताया?’
पात्रा ने कहा कि वह दलित के बेटी भी तो हिंदुस्तान की बेटी है। उन्होंने राजस्थान, पंजाब और छत्तीसगढ़ में रेप की घटनाओं की कई खबरों का हवाला देकर राहुल गांधी पर हमले किए। पंजाब में भी कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में कांग्रेस की सरकार चल रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ रेप की घटनाओं के मामले में एनसीआरबी स्टेट लिस्ट में 10वें स्थान पर है।
राहुल ने तोड़े कानून, हो कार्यवाही
पात्रा ने अपनी बच्ची खो चुके माता-पिता की तस्वीर ट्वीट करने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, ‘दिल्ली के नांगल की मृतक दलित बच्ची के माता-पिता की तस्वीरें ट्वीट की हैं। यह गैर-कानूनी है। उन्होंने पॉक्सो एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के प्रावधानों का हवाला देकर कहा कि राहुल गांधी ने रेप पीड़िता के परिवार की पहचान उजागर करके कानून का गंभीर उल्लंघन किया है।’ बीजेपी प्रवक्ता ने एनसीपीसीआर से मामले में संज्ञान लेकर राहुल गांधी को नोटिस जारी करने की मांग की।
-एजेंसियां

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