रफ़ेल पर सुप्रीम कोर्ट से क्लीन चिट मिलने के बाद भाजपा ने सदन में कांग्रेस को घेरा

नई दिल्ली। रफ़ेल डील पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बीजेपी को नई ताकत मिल गई है। कांग्रेस ने चुनावों में रफ़ेल डील में कथित भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाया था लेकिन क्लीन चिट मिलने से अब सरकार और बीजेपी फ्रंटफुट पर आ गई है।
शुक्रवार को लोकसभा में रफ़ेल पर जोरदार हंगामा हुआ और कांग्रेस के खिलाफ खुद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को रफ़ेल पर सदन में आकर माफी मांगनी चाहिए। दिलचस्प यह है कि कल तक कांग्रेस रफ़ेल को लेकर सरकार पर हमलावर थी, पर आज सीन पूरी तरह से पलट गया।
रफ़ेल डील पर सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच के फैसले का हवाला देते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सियासी फायदे के लिए सरकार को बदनाम करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने जनता को गुमराह और दुनिया में भारत की छवि धूमिल करने की कोशिश की। ऐसे में उन्हें सदन और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
इस दौरान गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की मंशा यह थी कि हम तो डूबे हैं सनम, तुमको भी ले डूबेंगे। हंगामा बढ़ता देख लोकसभा की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। फैसला आने के बाद शुक्रवार को संसद में बीजेपी के सदस्य कांग्रेस पर हमलावर रहे। वहीं, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह रफ़ेल पर आए फैसले को लेकर दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं।
इससे पहले लोकसभा में जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, विपक्षी सदस्य रफ़ेल समेत कई मुद्दों को लेकर वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ही विपक्षी सांसद इस तरह नारेबाजी और हंगामा करते आ रहे हैं, पर शुक्रवार को नजारा कुछ अलग था। विपक्ष के हंगामे के बीच बीजेपी के सदस्य भी खड़े हो गए और कांग्रेस व राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए।
उनकी मांग थी कि “कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी देश और सदन से माफी मांगें। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय जगत में भारत की छवि को धूमिल करने की कोशिश की है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज आया है, जिसमें कोर्ट ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यह डील देश के लिए फाइनैंशल एडवांटेज है। यह भी कहा है कि राफेल की टेक्निकल क्षमता पर कोई सवाल नहीं खड़ा किया जा सकता। गुणवत्ता के मामले में भी सवाल खड़ा नहीं किया जा सकता। खरीद प्रक्रिया में भी कहीं भी किसी प्रकार का दोष नहीं है। यह बात तीन जजों की बेंच ने कही है।”
इससे पहले लोकसभा में जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, विपक्षी सदस्य राफेल समेत कई मुद्दों को लेकर वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ही विपक्षी सांसद इस तरह नारेबाजी और हंगामा करते आ रहे हैं, पर शुक्रवार को नजारा कुछ अलग था। विपक्ष के हंगामे के बीच बीजेपी के सदस्य भी खड़े हो गए और कांग्रेस व राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए।
संसदीय कार्य मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए। भारी शोर-शराबे के बीच करीब 11.10 बजे स्पीकर सुमित्रा महाजन को सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। भारी हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही भी शुक्रवार को शुरू होने के कुछ ही देर बाद स्थगित करनी पड़ी।
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में नरेंद्र मोदी सरकार को 36 राफेल फाइटर जेट्स की खरीद पर क्लीन चिट दे दी है। SC ने कहा कि अरबों डॉलर की इस डील में फैसला लेने की प्रक्रिया में संदेह की कोई जगह नहीं है।
-एजेंसिंयां

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