बीजेपी ने दिग्विजय सिंह के पिता बलभद्र सिंह को अंग्रेजों का भक्त बताया

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच ‘गद्दार कौन’ वाले विवाद में अब गड़े मुर्दे उखड़ने लगे हैं। बीजेपी ने दिग्विजय सिंह के स्वर्गीय पिता बलभद्र सिंह को अंग्रेज भक्त बता दिया है। इससे पहले दिग्विजय ने सिंधिया परिवार पर गद्दारी का आरोप लगाया था।
बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी और डॉ. दुर्गेश केसवानी ने भोपाल में कहा कि बलभद्र सिंहजी ने चिट्ठी लिखकर अपने वंश और अंग्रेज भक्ति का हवाला दिया था। दोनों नेताओं ने 16 सितंबर 1939 को बलभद्र सिंह के लिखे एक कथित पत्र का हवाला देते हुए बताया कि उनके पूर्वजों ने 1779 से ब्रिटिश सरकार को सेवाएं दी हैं। युद्ध के समय भी ब्रिटिश सरकार को राघोगढ़ ने सेवा दी है।
बीजेपी नेताओं ने दावा किया कि इतिहासकार राजा रघुवीर सिंह के अनुसार दिग्विजय सिंह के पूर्वजों को मुगलों की वफादारी के बदले में राघोगढ़ मिला। उन्होंने यह भी कहा कि पानीपत की तीसरी लड़ाई में राघोगढ़ के तत्कालीन राजा ने मराठा साम्राज्य के सेनापति सदाशिवराव भाऊ को मदद करने से इंकार कर दिया था। उन्होंने मुगलों का साथ दिया था।
इस विवाद की शुरुआत शनिवार को हुई थी। दिग्विजय ने शनिवार को कहा था कि मध्य प्रदेश में 2018 में हुए चुनाव के बाद कांग्रेस की सरकार तो बन गई थी, लेकिन सिंधिया पार्टी छोड़कर चले गए। कांग्रेस के साथ गद्दारी कर गए। उन्होंने आगे कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है। एक व्यक्ति गद्दारी करता है तो उसकी पीढ़ी दर पीढ़ी गद्दारी करती है।
दिग्विजय के बयान पर सिंधिया ने पलटवार किया था। उन्होंने कहा कि था वे दिग्विजय सिंह के स्तर तक जाना नहीं चाहते। सिंधिया परिवार की एक मर्यादा है। वे उसे बनाकर रखेंगे। उन्होंने आगे कहा कि जो ओसामा जी कहे, जो धारा 370 की वापसी का दावा करे, उसकी मानसिक स्थिति का अंदाजा लग सकता है।
-एजेंसियां

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