आजम के खिलाफ मुकद्दमों में भाजपा और कांग्रेस की मिलीभगत: अखिलेश

लखनऊ। रामपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद और पूर्व मंत्री आजम खान पर 80 से ज्‍यादा मुकदमे दर्ज किए जाने से नाराज समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने उत्‍तर प्रदेश की योगी आदित्‍यनाथ सरकार पर निशाना साधा है। उन्‍होंने कहा कि योगी सरकार आजम खान पर झूठे मुकदमे लाद रही है और इस मुद्दे पर जिले में बीजेपी और कांग्रेस दोनों मिले हुए हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि वह आजम खान के परिवार से मिलने के लिए रामपुर जाना चाहते हैं लेकिन राज्‍य सरकार उन्‍हें रोक रही है।
सोमवार को रामपुर जाने की अनुमति नहीं मिलने पर अखिलेश यादव ने एक संवाददाता सम्‍मेलन में राज्‍य सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्‍होंने कहा, ‘आजम खान पर दर्ज ये सब मुकदमे राजनीतिक हैं ताकि उनके जौहर विश्‍वविद्यालय को खत्‍म किया जा सके। चूंकि उन्‍होंने यूनिवर्सिटी बना दी है इसलिए मुकदमे लगाए गए हैं। बीजेपी को लोकतंत्र पर भरोसा नहीं है। प्रशासन खुद बुलाकर मुकदमे लगवा रहा है।’
‘रामपुर दौरा दो दिन के लिए स्‍थगित कर रहा हूं’
उन्‍होंने कहा, ‘मैं रामपुर दौरा दो दिन के लिए स्‍थगित कर रहा हूं। 13 और 14 सितंबर को आजम खान के परिवार से मुलाकात करुंगा। मैंने मोहर्रम और गणेश मूर्ति विसर्जन को देखते हुए यह कार्यक्रम दो दिन के लिए रोका है।’
अखिलेश ने कहा कि ‘नेता जी’ मुलायम सिंह यादव के अलावा राजनतिक इतिहास में किसी भी नेता पर एक साथ इतने मुकदम दर्ज नहीं हुए हैं।
अखिलेश यादव ने रामपुर में बीजेपी और कांग्रेस पर मिलकर काम करने का आरोप लगाया। उन्‍होंने कहा, ‘कांग्रेस और बीजेपी एक ही भाषा रामपुर में बोल रहे हैं। प्रशासन अपने दबाव में लोगों से अर्जियां ले रहा है।’ उन्‍होंने मांग की कि राज्‍य सरकार के दबाव में आजम खान पर झूठे मुकदमे न लादे जाएं। उधर, रामपुर के डीएम ने कहा कि मोहर्रम को देखते हुए अखिलेश यादव को अनुमति नहीं दी गई है।
‘धरने की कोई अनुमति नहीं मांगी गई’
उन्‍होंने कहा, ‘अखिलेश यादव की तरफ से धरने की कोई अनुमति नहीं मांगी गई है। उनके एक कार्यकर्ता ने मांगी थी। मोहर्रम को देखते हुए धारा 144 जिले में लगी हुई है। हम किसी को रोक नहीं रहे हैं। हमारी चिंता केवल मोहर्रम को लेकर है। अगर इस दौरान बाहर से कार्यकर्ता धरना देते हैं तो समस्‍या हो सकती है। धारा 144 लागू है और गांधी समाधि पर 50 से ज्‍यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकते हैं, इसी को देखते हुए हमने उन्‍हें अनुमति नहीं दी है।
बता दें कि लोकसभा चुनाव के बाद आजम खान के खिलाफ कार्रवाई की बाढ़ आ गई है। उनके खिलाफ चोरी, जमीन कब्जाने, डकैती के करीब 80 से ज्यादा केस दर्ज हो चुके हैं। चुनावी आचार संहिता के मामले भी उनके खिलाफ दर्ज हैं। आजम की गिरफ्तारी के वॉरंट पांच केस में जारी हो चुके हैं। उसका नोटिस उनके घर पर चस्पा हो गया है। उनके विधायक बेटे, सांसद पत्नी और भाई के खिलाफ भी केस दर्ज हैं। इससे पहले भी 9 अगस्त को रामपुर जिला प्रशासन की आजम के खिलाफ की जा रही कार्यवाही को लेकर अखिलेश यादव ने प्रशासन को घेरने के लिए 10 जिलों के कार्यकर्ताओं को रामपुर पहुंचने आह्वान किया था। प्रशासन ने नाकेबंदी करके सपाइयों को रास्ते में ही रोक दिया था। जिससे एसपी कोई बड़ा संदेश देने में नाकाम रही थी।
मुलायम ने दी थी नसीहत और हिदायत
हाल में एसपी संरक्षक ने मुलायम सिंह यादव ने आजम खान के समर्थन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पार्टी कार्यकर्ताओं से संघर्ष करने के आह्वान के साथ कहा था कि आजम खान ने मेहनत से जौहर यूनिवर्सिटी बनाई है। भीख मांगकर, देश-विदेश से चंदा लेकर और अपनी सारी पूंजी इसमें लगा दी। आजम पढ़े-लिखे और गरीब परिवार के जमीन से जुड़े नेता हैं। उन्हें परेशान किया जा रहा है। मुलायम ने एसपी कार्यकर्ताओं और नेताओं से आजम के समर्थन में खड़े होने को कहा था। उन्होंने कहा था, ‘पार्टी आजम खान के मामले में चुप नहीं बैठेगी। जरूरत पड़ेगी तो मैं भी आगे आऊंगा। आजम की बेइज्जती का कार्यकर्ता विरोध करें।’
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »