नन रेप केस में बिशप फ्रैंको मुलक्कल सभी आरोपों से बरी

केरल की एक अदालत ने नन के साथ रेप मामले में बिशप फ़्रैंको मुलक्कल को बरी कर दिया है. इस दौरान फ़्रैंको मुलक्कल रो पड़े और अपने वकीलों को गले लगा लिया. उन्होंने भगवान को धन्यवाद किया और सभी का शुक्रिया अदा किया.
केरल के कोट्टायम की अतिरिक्त सत्र अदालत ने 105 दिनों की सुनवाई के बाद शुक्रवार को इस मामले में फ़ैसला सुनाया. बिशप फ़्रैंको मुलक्कल को रेप सहित सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गोपाकुमार ने अपने फ़ैसले में कहा, ‘‘अभियोजन पक्ष मामले में अभियुक्त के ख़िलाफ़ कोई भी आरोप साबित नहीं कर पाया है.’’
क्या है मामला
पंजाब में जालंधर के बिशप फ़्रैंको मुलक्कल पर केरल की एक नन ने यौन शोषण का आरोप लगाया था.
बिशप फ़्रैंको मुलक्कल जालंधर के सेक्रेड हार्ट कैथोलिक चर्च में रहते हैं और ये उनका धार्मिक अधिकार क्षेत्र भी है.
केरल में पुलिस को जो शिकायत मिली थी उसमें नन ने ये दावा किया थी कि मई 2014 से लेकर सितंबर 2016 के बीच बिशप फ़्रैंको मुलक्कल ने कई बार उनका यौन शोषण किया.
हालांकि बिशप मुलक्कल ने इन आरोपों को गलत बताते हुए खारिज कर दिया था.
फ़ैसले को चुनौती दी जाएगी
केरल नन रेप केस में बिशप फ़्रैंको मुलक्कल को बरी किए जाने के फ़ैसले के बाद पीड़ित पक्ष के वकील ने कहा है कि वे इस निर्णय को हाई कोर्ट में चुनौती देंगे.
केरल के कोट्टायम ज़िले की एक अदालत ने नन के साथ रेप मामले में बिशप फ़्रैंको मुलक्कल को बरी करने का फ़ैसला सुनाया है.
पीड़िता नन की वकील संध्या राजू ने कहा, “हम इसे हाई कोर्ट में चुनौती देंगे.”
इस मामले में बिशप फ़्रैंको मुलक्कल का बचाव कर रही टीम के सदस्य रमन पिल्लै ने कहा, “अदालत ने कहा है कि वे दोषी नहीं हैं. अभियोजन पक्ष बिशप के ख़िलाफ़ लगाए गए किसी भी आरोप को साबित करने में नाकाम रहा है. ये साफ़ है कि अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए गवाह के साक्ष्य को अदालत ने खारिज कर दिया है. इसका मतलब ये है कि उन पर लगाए गए आरोप झूठे थे. वहां कोई बलात्कार नहीं हुआ है.”
रमन पिल्लै ने कहा, “ये एक बड़ा मामला है. इसका हाई कोर्ट में जाना तय है. इसमें कोई दिक्कत नहीं है. हमने सभी सबूतों को ध्वस्त कर दिया है.”
-एजेंसियां

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