जन्‍मदिन विशेष: 30 अगस्‍त को जन्‍मे थे गीतकार शैलेन्‍द्र

शैलेन्द्र यानी गीतकार शैलेन्‍द्र का जन्‍म अविभाजित भारत के रावलपिंडी में 30 अगस्‍त 1929 को हुआ था। शैलेन्‍द्र ने राज कपूर के साथ बहुत काम किया। शैलेन्द्र हिन्दी फिल्मों के साथ-साथ भोजपुरी फिल्मों के भी एक प्रमुख गीतकार थे।
50 व 60 के दशक में उन्होंने सिनेमा में कई बोल लिखे। शुरुआती दौर में भारतीय रेलवे में काम करने के दौरान उन्होंने कविताएं लिखना प्रारंभ कर दिया था। राज कपूर ने उन्हें एक मुशायरे में सुना और फ़िल्म के लिए उनकी नज़्म को खरीदने की पेशकश की। उसके बाद राज कपूर, शैलेन्द्र और शंकर-जयकिशन की जोड़ी ने सिनेमा को कई हिट दिए।

किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार
किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार
किसी के वासते हो तेरे दिल में प्यार
जीना इसी का नाम है
-बूट पॉलिश (1954)

नन्हे मुन्ने बच्चे तेरी मुट्ठी में क्या है
मुट्ठी में है तकदीर हमारी
हमने किस्मत को बस में किया है
-श्री 420 (1955)

प्यार हुआ इक़रार हुआ है
प्यार से फिर क्यों डरता है दिल
कहता है दिल, रस्ता मुश्किल
मालूम नहीं है कहाँ मंज़िल
प्यार हुआ इक़रार हुआ…

मेरा जूता है जापानी ये पतलून इंगलिश्तानी
सर पे लाल टोपी रूसी फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी
निकल पड़े हैं खुल्ली सड़क पर अपना सीना ताने
मंजिल कहाँ, कहाँ रुकना है,उपरवाला जाने
बढ़ते जाए हम सैलानी, जैसे एक दरिया तूफानी
सर पे लाल टोपी रूसी
-श्री 420 (1955)

रमैय्या वस्तावैय्या, रमैय्या वस्तावैय्या
मैंने दिल तुझको दिया

नैनों में थी प्यार की रोशनी
तेरी आँखों में ये दुनियादारी ना थी
तू और था, तेरा दिल और था
तेरे मन में ये मीठी कटारी ना थी
मैं जो दुःख पाऊँ तो क्या
आज पछताऊँ तो क्या
मैंने दिल तुझको…

-Legend News

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