जन्‍मदिन: उर्दू के प्रसिद्ध लेखक पद्म श्री ख़्वाजा अहमद अब्बास

उर्दू के प्रसिद्ध लेखक ख़्वाजा अहमद अब्बास का आज जन्‍मदिन है। 07 जून 1914 को हरियाणा के पानीपत में पैदा हुए K. A. अब्बास का इंतकाल मुंबई (महाराष्‍ट्र) में 01 जून 1987 को हुआ।
वे उन कुछ गिने चुने लेखकों में से एक थे, जिन्होंने मुहब्बत, शांति और मानवता का पैगाम दिया। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने ‘अलीगढ़ ओपिनियन’ शुरू किया। ‘बॉम्बे क्रॉनिकल’ में ये लंबे समय तक बतौर संवाददाता और फ़िल्म समीक्षक रहे। इनका स्तंभ ‘द लास्ट पेज’ सबसे लंबा चलने वाले स्तंभों में गिना जाता है। यह 1941 से 1986 तक चला। अब्बास इप्टा के संस्थापक सदस्य थे।
K. A. अब्बास, ‘ख़्वाजा ग़ुलाम अब्बास’ के पोते थे जो 1857 के विद्रोह के शहीदों में से एक थे। उनके पिता ‘ग़ुलाम-उस-सिबतैन’ थे जो उन्हें क़ुरान पढ़ने के लिए प्रेरित करते जबकि ‘मसरूर ख़ातून’ उनकी माँ थीं। उनके ख़ानदान का बखान अयूब अंसारी तक जाता है जो पैगंबर मुहम्मद के साथी थे। अपनी प्रारंभिक शिक्षा के लिए अब्बास साहब ‘हाली मुस्लिम हाई स्कूल’ गये जिसे उनके परदादा यानी प्रसिद्ध उर्दू शायर ख़्वाजा अल्ताफ़ हुसैन हाली और मिर्ज़ा ग़ालिब के शागिर्द; द्वारा स्थापित किया गया था।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी साहित्य में बी.ए. (1933) और एलएलबी (1935) पूरी करने वाले अब्‍बास साहब का निकाह प्रेमप्रसंग के परिणाम स्वरूप मुज़्तबी बेगम के साथ हुआ।
पुरस्कार-उपाधि
पद्म श्री, ग़ालिब पुरस्कार, फ़िल्म ‘नीचा नगर’ के लिए अंतर्राष्ट्रीय कान्स फ़िल्म समारोह में पाल्मे डी’ओर पुरस्कार, फ़िल्मफेयर पुरस्कार।
पुस्तकें
इंकलाब, ‘आई एम नॉट ऍन आयलैंड: ऍन एक्सपैरीमेंट इन ऑटो बायोग्राफ़ी’
मुख्य फ़िल्में
नया संसार, नीचा नगर, आवारा, श्री 420, डॉ. कोटनिस की अमर कहानी, धरती के लाल, आज और कल, सात हिंदुस्तानी आदि।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *