कोरोना पर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री का बयान: राज्‍य में 100 से अधिक चिन्‍हित

पटना। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा है कि कोविड-19 को लेकर देश में जारी अलर्ट के बीच बिहार में अब तक 100 से अधिक कोरोना वायरस के संदिग्धों की पहचान की गई है। इनमें से 26 मरीजों ने इस वायरस को लेकर रखे जाने वाले पर्यवेक्षण के समय को पूरा भी कर लिया। अन्य मरीजों पर नजर रखी जा रही है। राजधानी पटना के साथ-साथ गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी खास नजर रखी जा रही है।
मंगल पांडे ने बताया कि बिहार के सभी जिला अस्पतालों में कोरोना के लिए ब्लड जांच की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि बिहार के जो लोग विदेशों से वापस बिहार आए हैं, उन्‍हें निगरानी में रखा गया है। इनमें ईरान से आए सिवान के 5 व्यक्ति और गोपालगंज के 4 लोग निगरानी में हैं। बिहार का स्वास्थ्य विभाग इनपर नज़र रख रहा है। इस बीच बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कोरोना वायरस को लेकर सभी जिलों के जिलाधिकारियों के साथ नियमित बैठक करने का भी निर्णय लिया है।
मंगलवार को बिहार स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार और अन्य अधिकारियों ने भारत सरकार के कैबिनेट सचिव और अन्य राज्य के मुख्य सचिव के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की थी। कोरोना वायरस को लेकर पटना के पीएमसीएच को भी अलर्ट पर रखा गया है। पीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में अलग से आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसमें संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। पीएमसीएच में अब तक 4 संदिग्धों की जांच हुई थी, लेकिन सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है।
बता दें कि बिहार में पटना और गया हवाई अड्डे पर सबसे ज्यादा हवाई यात्रियों का आवागमन होता है। गया एयरपोर्ट बिहार का एकमात्र अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है और यहां से थाइलैंड, म्‍यांमार, वियतनाम से विमान आते हैं। गया एयरपोर्ट के निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि अभी तक एकमात्र संदिग्ध की पहचान हुई थी लेकिन रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उसे जाने दिया गया।
गया एयरपोर्ट निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि एयरपोर्ट पर 7 लोगों की मेडिकल टीम की तैनाती की गई है। डब्ल्यूएचओ की ओर से इसकी निगरानी की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि विमान के अंदर अगर कोई संदिग्ध दिखता है तो क्रू मेंबर उन्हें आइसोलेट करते हैं। फिर इसकी सूचना एटीसी के माध्यम से एयरपोर्ट को दी जाती है और विमान एयरपोर्ट पर उतरने के बाद उन्हें एयर ब्रिज के बजाए विमान के नीचे से उतारकर आइसोलेशन सेंटर भेज दिया जाता है।
-एजेंसियां

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