पाकिस्‍तान को बहुत बड़ा झटका, FATF ने किया ‘ब्लैक’ लिस्ट

वॉशिंगटन। कर्ज के संकट से जूझ रहे पाकिस्‍तान को एक बड़ा झटका लगा है। अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद के वित्तपोषण की निगरानी करने वाली संस्था ‘फाइनैंशल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने उसे डाउनग्रेड कर ‘ब्लैक’ लिस्ट में डाल दिया है।
FATF ने टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग को रोकने में असमर्थ रहने पर पाकिस्‍तान को ब्‍लैक लिस्‍ट में डाला है। इससे पहले FATF ने पाकिस्‍तान को ग्रे लिस्‍ट में डाला था।
भारतीय अधिकारियों ने बताया कि FATF के एशिया प्रशांत ग्रुप ने वैश्विक मानदंडों को पूरा नहीं करने के लिए पाकिस्‍तान को ब्‍लैक लिस्‍ट में डाला है।
FATF ने पाया कि मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकियों के वित्तपोषण से जुड़े 40 मानदंडों में से 32 को पाकिस्‍तान ने पूरा नहीं किया। इसको देखते हुए FATF ने पाकिस्‍तान को ब्‍लैक लिस्‍ट में डाल दिया है।
ब्‍लैक लिस्‍ट होने के बाद अब पाकिस्‍तान को दुनिया में कर्ज पाना और ज्‍यादा मुश्किल हो जाएगा। बता दें कि फाइनैंशल एक्शन टास्क फोर्स ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान टेरर फंडिंग पर अपने ऐक्शन प्लान को पूरा करने में विफल रहा है। फ्लोरिडा के ओरलैंडो में आयोजित बैठक के समापन पर जारी एक बयान में एफएटीएफ ने चिंता व्यक्त की है कि ‘न सिर्फ पाकिस्तान जनवरी की समय सीमा के साथ अपनी ऐक्शन प्लान को पूरा करने में विफल रहा है, बल्कि वह मई 2019 तक भी अपनी कार्य योजना को पूरा करने में भी विफल रहा है।’
FATF ने ‘कड़ाई’ से पाकिस्तान से अक्टूबर 2019 तक अपने एक्शन प्लान को पूरा करने को कहा था। पाकिस्तान पिछले एक साल से FATF की ग्रे लिस्ट में है और उसने FATF से पिछले साल जून में ऐंटी-मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग मेकेनिज्म को मजबूत बनाने के लिए उसके साथ काम करने का वादा किया था। तब उनके बीच तय समय सीमा के अंदर 10-पॉइंट ऐक्शन प्लान पर काम करने की सहमति बनी थी। एक्शन प्लान में जमात-उद-दावा, फलाही-इंसानियत, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हक्कानी नेटवर्क और अफगान तालिबान जैसे आतंकवादी संगठनों की फंडिंग पर लगाम लगाने जैसे कदम शामिल थे।
-एजेंसियां

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