भारत बायोटेक का फैसला: साल में COVAXIN की बनेंगी 70 करोड़ से ज्यादा खुराक

नई दि‍ल्ली। भारत बायोटेक ने बड़ा फैसला लेते हुए आज घोषणा की है क‍ि कंपनी वैक्सीन न‍िर्माण को बड़े पैमाने पर बढ़ाने जा रही है।

COVID-19 मामलों में हो रही बढ़तरी के बीच भारत और दुनिया भर में वैक्सीनेशन का समर्थन करने के लिए COVAXIN की क्षमता बढ़ाने की 20 अप्रैल को घोषणा की है। इस क्षमता विस्तार को हैदराबाद और बैंगलोर में कई सुविधाओं में लागू किया गया है, जिसके तहत हर साल 70 करोड़ से ज्यादा खुराक तक बनाने का टारगेट रखा है।

ये दुनिया भर में अभी जितनी भी वैक्सीन हैं, उन सब के मुकाबले सबसे ज्यादा प्रोडक्शन कैपेसिटी है। वर्तमान में, हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक एक महीने में COVAXIN की 40 लाख खुराक का प्रोडक्शन कर रहा है, जबकि पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) COVISHIELD की 6 करोड़ खुराक का उत्पादन कर रहा है।

इससे पहले सरकार ने भारत के सीरम इस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) को करीब 3,000 करोड़ रुपये एडवांस में दे दिए हैं। और भारत बायोटेक (Bharat Biotech) को करीब 15,00 करोड़ रुपये एडवांस में दिए गए हैं। सरकार ने ये पैसे इन कंपनियों को वैक्सीन के प्रोडक्शन को बढ़ाने के लिए दिए हैं।

अगले 2-3 महीने में इन कंपनियों को वैक्सीन की सप्लाई करनी होगी। सरकार ने Covishield और Covaxin की सप्लाई के लिए एडवांस में पैसे दिए हैं। पहले ऐसी खबरें थी कि यह राशि अनुदान (grant) के तौर पर दिया गया है।

एक अधिकारी ने बताया कि चूंकि केंद्र सरकार के सामान्य वित्तीय नियमों के तहत, बैंक गारंटी या कोलैटरल के बिना ठेकेदारों या कंपनियों को इतनी बड़ी एडवांस राशि नहीं दी जाती है, इसलिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने सामान्य वित्तीय नियमों में ढील देते हुए, स्वास्थ्य मंत्रालय को छूट दे दी कि अगर वो चाहें तो, वैक्सीन सप्लायर्स को बिना बैंक गारंटी के एडवांस पेमेंट करने की अनुमति दे सकते हैं।

इस बीच 16 अप्रैल को हैदराबाद कंपनी ने कहा था कि वो COVAXIN के निर्माण में इस्तेमाल किए जाने वाले एक प्रमुख रसायन “adjuvant” की खरीद में परेशानियों का सामना कर रहा है, क्योंकि ये ज्यादातर अमेरिका से आता है।
– एजेंसी

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