भारत बंद: प्रदर्शन और झड़प के साथ तोड़फोड़, दिल्ली में खेल बिगड़ा

नई दिल्‍ली। 10 ट्रेड यूनियनों द्वारा आज भारत बंद के आह्वान की वजह से बैंकिंग, परिवहन समेत दूसरी सेवाओं पर भी खासा असर दिख रहा है।
माना जा रहा है कि तकरीबन 25 करोड़ लोग इस हड़ताल का हिस्सा हैं।
उधर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर हमला किया है। उन्होंने लिखा है कि मोदी-शाह सरकार की जन विरोधी, श्रम विरोधी नीतियों ने भयावह बेरोजगारी पैदा की है। मोदी अपने पूंजीपति दोस्तों की मदद करने के लिए सार्वजनिक उपक्रमों को लगातार कमजोर कर रहे हैं। इसके विरोध में आज 25 करोड़ लोगों ने ‘भारत बंद 2020’ का आह्वान किया है। मैं उन सभी को सल्यूट करता हूं।
शिवसेना ने भारत बंद का किया समर्थन
भारत पेट्रोलियम में विनिवेश के केंद्र सरकार के कदम के खिलाफ मुंबई में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के कर्मचारियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। शिवसेना ने ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद को समर्थन दिया है। इसके साथ ही शिवसेना ने केंद्र सरकार पर उसकी नीतियों और फैसलों को लेकर निशाना साधा।
दिल्ली में बिगड़ा मौसम आया आड़े
भारत बंद के बीच दिल्ली का बिगड़ा मौसम हड़ताल को प्रभावी बनाने में आड़े आ गया है। दिल्ली में बाजार आम दिनों की तरह खुले हैं और सड़कों पर सामान्य गतिविधियां हैं। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) में स्टेट कमेटी के सदस्य राजेश कश्यप ने कहा कि आज बारिश की वजह से लोग उम्मीद के अनुसार कम एकत्र हुए हैं। मंगोलपुरी फेस-2 इंडस्ट्रियल एरिया में सभी को एकजुट होकर फेस-1 और नांगलोई के उद्योग नगर तक जाने की योजना है।
SFI और TMC वर्कर्स के बीच झड़प
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं के बीच बर्धमान में भारत बंद के दौरान झड़प हो गई। इस दौरान कुछ लोग एक युवक को पीटते हुए नजर आ रहे हैं तभी दूसरी ओर से भीड़ वहां पहुंचती है और युवक का बचाव करते हुए मारपीट शुरू हो जाती है।
रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शनकारी
केंद्र सरकार की ‘मजदूर विरोधी नीतियों’ के चलते बुधवार को 10 ट्रेड यूनियनों ने भारत बंद का आह्वान किया है। इसके मद्देनजर पश्चिम बंगाल में प्रदर्शनकारियों ने हावड़ा में रेलवे ट्रैक बाधित कर दिया। इसकी वजह से रेल यात्रा कर रहे यात्रियों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पश्चिम बंगाल के ही उत्तरी 24 परगना स्थित कंचरापारा में भी प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक ब्लॉक कर दिया।
बस में की गई तोड़फोड़
पश्चिम बंगाल के कूच बेहर में भारत बंद के दौरान कुछ उपद्रवियों ने एक बस में जमकर तोड़फोड़ की। इस घटना के बाद प्रदर्शनकारी वहां से भागते हुए नजर आए।
बस ड्राइवर ने पहना हेल्मेट
‘भारत बंद’ को देखते हुए हिंसक प्रदर्शनों से बचने के लिए सिलिगुड़ी में एक अजीबोगरीब तस्वीर देखने को मिली। यहां उत्तरी बंगाल राज्य ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एनबीएसटीसी) बस का ड्राइवर हेल्मेट पहनकर गाड़ी चलाता हुआ नजर आया।
ओडिशा में अभ्यर्थियों की बढ़ी दिक्कतें
ओडिशा में भारत बंद की वजह से जेईई मेन्स 2020 की परीक्षा देने आए परीक्षार्थियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बंद के चलते सेंटर पर सुबह होने से पहले ही अभ्यर्थी पहुंच गए थे।
दरअसल, केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों व रेलवे के निजीकरण सहित 49 डिफेंस प्रोडक्शन यूनिट के निजीकरण और बैंकों के जबरन मर्जर के खिलाफ कर्मचारी संगठनों में नाराजगी है, जिसके चलते ‘भारत बंद’ का आह्वान किया गया है।
पंजाब में भी प्रदर्शन
पंजाब में भी ‘भारत बंद’ के मद्देनजर अमृतसर में प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक को बाधित कर दिया। इसके चलते ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ा। प्रदर्शनकारी रेल ट्रैक पर बैठ गए।
सड़कों पर झंडों के साथ प्रदर्शनकारी
तमिलनाडु में भी भारत बंद का असर देखने को मिल रहा है। चेन्नै में माउंट रोड में संगठनों ने प्रदर्शन किया। लोग अपने हाथों में झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए नजर आए।
कहीं संयुक्त मार्च, कहीं तोड़फोड़
भारत बंद के आह्वान के बीच केरल के कोच्चि में ट्रेड यूनियंस ने संयुक्त मार्च निकाला, वहीं कर्नाटक के मदिकेरी में प्रदर्शनकारियों ने कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बस में तोड़फोड़ की। हैदराबाद एयरपोर्ट के नजदीक तकरीबन दो हजार ऐप बेस्ड कैब ड्राइवरों ने नेशनल ट्रेड यूनियन की स्ट्राइक का समर्थन किया है।
प्रमुख मांगें
-21 हजार रुपये महीने राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन निर्धारित करो। महंगाई के अनुसार, समय-समय पर न्यूनतम वेतन को बढ़ाओ। दिल्ली में घोषित न्यूनतम वेतन 14,842 रुपये सख्ती से लागू करो।
-मजदूर-विरोधी चारों ‘लेबर कोड’ वापस लो। सभी श्रम कानूनों को सख्ती से लागू करो। कार्यस्थल पर सुरक्षा के पुख्त इंतजाम करो। श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले मालिकों को सजा दो।
-स्थाई काम में ठेका मजदूरी पर रोक लगाओ। ठेका मजदूरों को उसी स्थान पर पक्का करो। ठेका व दिहाड़ी मजदूरों को पक्के मजदूरों-कर्मचारी के समान वेतन व अन्य सुविधा दो।
-‘फिक्स्ड टर्म एम्पलॉयमेंट’, नीम, अपरेंटिस एक्ट में संशोधन आदि को फौरन रद्द करो।
-स्कीम वर्कर्स आंगनवाड़ी-आशा-मिड-डे-मील कर्मियों को सरकारी कर्मचारी घोषित करो। तब तक उन्हें न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा दो।
-महिलाओं और पुरुषों को समान काम के लिए समान वेतन को सख्ती से लागू करो।
-सभी सरकारी विभागों में रिक्त स्थानों पर फौरन भर्ती करो। नई भर्तियों पर लगी रोक हटाओ।
-सर्वव्यापक सार्वजनिक वितरण व्यवस्था के माध्यम से सभी को अच्छी गुणवत्ता के अनाज, दालें और सरकारी जरूरी चीजें मुनासिब दामों पर मुहैया करवाओ।
-एजेंसियां

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