बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ ने कहा, टेस्ट क्रिकेट में ओपनिंग स्लॉट एक परेशानी

नई दिल्ली। टीम इंडिया के नव नियुक्त बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ ने कहा है कि टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम का ओपनिंग स्लॉट एक परेशानी है जबकि एकदिवसीय क्रिकेट में टीम के सामने मिडल ऑर्डर चिंता का विषय है।
विक्रम राठौड़ साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज से अपना कार्यकाल शुरू करेंगे। उन्होंने आज कहा कि पारी का आगाज करने के साथ वनडे में मध्यक्रम का प्रदर्शन उनकी मुख्य चिंता हैं।
जब कोचिंग और सहयोगी स्टाफ में नई नियुक्तियां की गईं तो राठौड़ ने संजय बांगड़ की जगह ली। उनका कार्यकाल गुरुवार से शुरू हो गया और पहली बड़ी चुनौती साउथ अफ्रीका के खिलाफ 15 सितंबर से शुरू हो रही घरेलू टी20 और टेस्ट सीरीज होगी।
राठौड़ ने बीसीसीआई की अधिकारिक वेबसाइट पर कहा, ‘वनडे में मध्यक्रम इतना अच्छा नहीं कर रहा और हमें निश्चित रूप से इसका निपटारा करना चाहिए। वहीं चिंता की एक चीज टेस्ट में सलामी बल्लेबाजों की भागीदारी है। हमारे पास विकल्प हैं और इसमें काफी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है। हमें उनके और अधिक निरंतर होने का तरीका ढूंढना होगा।’
राठौड़ ने कहा कि श्रेयस अय्यर और मनीष पांडे 50 ओवर के प्रारूप के लिये अच्छे विकल्प दिखते हैं।‘श्रेयस अय्यर ने पिछले दो मैचों में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है और हमारे पास मनीष पांडे भी है। इन दोनों खिलाड़ियों ने घरेलू क्रिकेट और इंडिया के साथ में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। ये ऐसे बल्लेबाज हैं जो अपना काम बखूबी करने के काबिल हैं। इनके बारे में कोई शक नहीं है।’
उनकी नियुक्ति के समय काफी विवाद हुआ क्योंकि उन पर हितों के टकराव के भी आरोप लगे जिन्हें बाद में हटा दिया गया। राठौड़ ने भारत के लिए छह टेस्ट और सात वनडे खेले हैं। उनका टीम के मौजूदा खिलाड़ियों के साथ अच्छा तालमेल है।
उन्होंने कहा, ‘हमारे पास कोचिंग स्टाफ में काफी बेहतरीन स्टाफ है। मुझे उन्हें जानने का मौका मिला क्योंकि मैं राष्ट्रीय चयनकर्ता था। मैं खिलाड़ियों को जानता हूं और उनके साथ कुछ समय काम भी कर चुका हूं।’
उन्होंने कहा, ‘मैं रवि शास्त्री, बी अरुण और आर श्रीधर के साथ विराट कोहली के साथ काम कर चुका हूं। मैं बल्लेबाजों को व्यक्तिगत रूप से जानता हूं और उनके साथ मेरा अच्छा तालमेल है।’ राठौड़ पंजाब और हिमाचल प्रदेश के भी मुख्य कोच रह चुके हैं और साथ ही वह हिमाचल प्रदेश के क्रिकेट निदेशक भी थे।
-एजेंसियां

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